म्योरपुर वन रेंज के पड़री लोहिया ग्राम पंचायत में बुधवार की देर शाम दुद्धी एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह ने रिहंद जलाशय के तटवर्ती इलाके में हो रहे अवैध खनन को छापा मारकर पकड़ा। जलाशय में से बालू तथा किनारे बोल्डर का बड़े पैमाने पर हो रहा खनन देखकर वे दंग रह गए। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह बुधवार की शाम सात बजे म्योरपुर के जटखैर नाले पर जांच के लिए पहुंचे, जहां पर करीब 25 लाख रुपये की लागत से बने चेकडैम का मौके पर अस्तित्व नहीं पाया गया।
कहा कि चेकडैम वर्ष 2014-15 में म्योरपुर के जटखैर नाले पर हुआ है। जिसकी गुणवत्ता जांच के लिए उनको डीएम से आदेश पत्र मिला है। लेकिन यहां पर कुछ भी नहीं है। इसके बाद वे सीधे पड़री ग्राम पंचायत के खंता टोला पहुंचे जहां रिहंद जलाशय के तटवर्ती इलाके में जमकर बोल्डर और बालू की खेप निकाली गई है।
जलाशय के बीच में स्थित टीले पर भी खनन कर्ताओं की कुदृष्टि पड़ी तो वहां तक पुलिया बनाकर वहां भी खनन किया गया। खननकर्ता रात के वक्त नहीं मिले लेकिन ग्रामीणों ने इस काम में लगे लोगों का नाम एसडीएम को बताया।
एसडीएम ने करीब एक घंटे के निरीक्षण के दौरान पड़री में भी लबे सड़क पर हो रहे सोलिंग और मोरम के खनन का भी हाल जाना। एसडीएम ने कहा कि इसके लिए वन विभाग और सिंचाई विभाग जिम्मेदार है। कहा कि इसकी जानकारी डीएम को दे दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।