रिहंद डैम, जहां तीसरे दिन रविवार को भी नौ गेट खोलकर रेणु नदी में छोड़ा जाता रहा पानी।
5148 वर्ग किमी कैचमेंट एरिया वाले रिहंद डैम में पानी का बढ़ाव धीरे-धीरे थमने लगा है। रविवार की दोपहर बाद यहां का जलस्तर घटकर 871.2 फीट आ गया। हालांकि अभी भी अधिकतम जलस्तर 870 फीट से यह 1.2 फीट अधिक है। इस कारण लगातार तीसरे दिन नौ फाटक खुले रखकर 75 हजार क्यूसेक पानी बहाया जा रहा है। वहीं ओबरा डैम के भी छह गेट खुले रखकर पचास से साठ हजार फीट पानी छोड़ा जा रहा है। इससे अभी भी सोन नदी में उफान की स्थिति बनी हुई है। उधर, विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार की देर शाम रिहंद डैम का निरीक्षण भी किया और सारी चीजें दुरुस्त बताईं।
रविवार को रिहंद डैम का जलस्तर नौ फाटक खुले होने तथा बारिश थमने के बावजूद 872.4 फीट तक पहुंच गया था। इसके चलते रिहंद डैम प्रबंधन के साथ ही लखनऊ मुख्यालय में भी चिंता की स्थिति बनी हुई थी। बारिश थमने के बावजूद जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए विशेषज्ञ अभियंताओं की टीम भेजकर रविवार की देर शाम रिहंद डैम की सुरक्षा भी जंचवाई गई। निरीक्षण के दौरान सब कुछ सही पाया गया है। वहीं रविवार से पानी बढ़ोतरी थमने के साथ जलस्तर में घटाव के सिलसिले ने भी रिहंद प्रबंधन को राहत दी है।
अधीक्षण अभियंता जल विद्युत शैलेश सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। जलस्तर भी घटने लगा है। जैसे ही जलस्तर 870 फीट पर आएगा। फाटकों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल जब तक जलस्तर 870 फीट नहीं आ जाता, तब तक खुले फाटकों के जरिए पानी छोड़े जाने का क्रम जारी रहेगा। बताया कि रिहंद और ओबरा दोनों डैमों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ओबरा डैम से भी छह गेट खोलकर लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। स्थिति से जिला प्रशासन के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी लगातार अवगत कराया जा रहा है।