बारिश से बढ़ा रिहंद डैम का पानी।
रिहंद डैम के जलस्तर में 24 घंटे के भीतर 12 फीट की बढ़ोतरी हुई है। ऊर्जांचल और इससे सटे मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में दो दिन से लगातार बारिश के चलते ऐसा हुआ है। वहीं अनपरा और ओबरा के बीच हुई जमकर बारिश के चलते ओबरा डैम के ओवरफ्लो करने की स्थिति बनने लगी है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए ओबरा पन बिजलीघर की दो इकाइयों को लगातार चलाकर साठ मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। वहीं रिहंद जल विद्युत गृह में बढ़ते पानी के दबाव के बावजूद टरबाइन में कचड़ा न आए, इसके लिए अभी इकाइयों को बंद रखा गया है।
चार सौ वर्गमील कैचमेंट एरिया वाले रिहंद डैम से तापीय बिजली परियोजनाओं के पानी की जरूरत तो पूरी होती ही है, ओबरा डैम का जलस्तर और रिहंद तथा ओबरा जल विद्युत गृह दोनों का संचालन भी निर्भर है। अभी भी रह-रहकर बारिश और उफान पर चल रही नदी-नालों का पानी डैम में आने का क्रम जारी है। बताते हैं कि महज 13 फीट और पानी बढ़ गया तो रिहंद डैम के गेटों को खोलने की नौबत हो सकी है। क्योंकि इसका अधिकतम जलस्तर 880 फीट निर्धारित है।
उधर, अधीक्षण अभियंता शैलेश सिंह का कहना था कि अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। चूंकि ओबरा और अनपरा के बीच काफी अच्छी बारिश हुई है, इसलिए ओबरा डैम पूरी तरह से भरने की स्थिति में आ गया है। स्थिति को देखते हुए वहां की 33-33 मेगावाट क्षमता वाली दो पन बिजली इकाइयों को लगातार चलाया जा रहा है। तीसरी इकाई अनुरक्षण पर है। वहीं रिहंद डैम की पन बिजली इकाइयों को अभी बंद रखा गया है।