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राजस्व को छह करोड़ प्रतिमाह की चपत

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शक्तिनगर/सिंगरौली। यूपी का सस्ता डीजल मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचने से छह करोड़ प्रतिमाह का राजस्व का घाटा हो रहा है। यह दावा करते हुए डिस्ट्रिक्ट पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन (डीपीडीए) के पदाधिकारियों ने सीएम शिवराज को संबोधित ज्ञापन सिंगरौली डीएम को सौंपा और अवैध कारोबार रोकने की मांग की। ऐसा न होने पर पंप संचालक हड़ताल करेंगे।
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वैट टैक्स में असमानता एमपी और यूपी के डीजल कीमतों में बड़ा अंतर पैदा कर रहा है। यूपी में एमपी के तुलना में डीजल छह रुपये सस्ता है। यही वजह है कि हाल के महीनों में इसी छह रुपये का अंतर भुनाने के लिए एमपी के कारोबारियों ने पूरी ताकत झोंक दिया। छोटे टैंकरों व पिकअप वाहनों में ड्रम रखकर निर्बाध रूप से रात दिन यूपी का डीजल ढोया जा रहा है। जानकारी यूपी के आपूर्ति विभाग को भी है लेकिन मामला केवल पत्राचार तक सिमट गया। डीपीडीए के पदाधिकारियों का दावा है कि रोजाना करीब एक लाख लीटर डीजल अवैध तरीके से ढोया जा रहा है। इसके चलते मप्र सरकार को प्रतिमाह करीब छह करोड़ रुपये की चपत लग रही है। यूपी से तेल का धंधा चटख होने से सिंगरौली (एमपी) के पेट्रोल पंप संचालकों का धंधा चौपट हो गया है। इसी मसले पर डीपीडीए एकजुट हुआ है। डीपीडीए के संरक्षक अरविंद सिंह चंदेल व अध्यक्ष ने पुष्पराज ने बताया कि दोनों प्रदेशों के डीजल रेट में समानता लाने के साथ तस्करी के जरिए सिंगरौली पहुंच रहे डीजल पर जिम्मेदार गंभीर नहीं हुए तो पखवाड़े भर बाद सिंगरौली के पंप संचालक हड़ताल का रास्ता अख्तियार करेंगे। ज्ञापन सौंपते वक्त एसोसिएशन के मिथिलेश सिंह, विजय नीरत, लल्लन सिंह, पवन साह, बृहस्पति सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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