थाना क्षेत्र के परसवार राजा (खडि़या) गांव में मंगलवार की रात पति ने सो रही पत्नी का चाकू से गला रेत दिया। इसके बाद देवी को चढ़ावा चढ़ाने की बात कहते हुए दाहिने बाजू (पखुरा) का मांस भी काटकर लेता गया। एतराज पर 12 वर्षीय बेटे की पिटाई कर दी। पीडि़ता एक वर्ष से अपने तीन बच्चों के साथ मायके में ही रह रही थी। लहूलुहान हालत में एनटीपीसी के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
बता दें थाने के चौकीदार गंगाराम निवासी परसवार राजा ने दस साल पूर्व अपनी बेटी सुशीला (30) की शादी पड़ोसी राज्य मप्र के बरगवां (सिंगरौली) थाने के डगा गांव में की थी। पति द्वारा लगातार प्रताडि़त किए जाने से तंग सुशीला साल भर से तीन बच्चों के साथ मायके में थी और लोगों का चौका बर्तन कर जीवनयापन कर रही थी।
आरोप है कि मंगलवार की शाम उसका पति जगदीश प्रसाद परसवार राजा पहुंचा और सुशीला को साथ चलने के लिए बाध्य करने लगा। शोर पर पहुंचे गांव के लोगों ने हस्तक्षेप किया तो भाग निकला। रात एक बजे के करीब वह आवास की दीवार फांद कर घर में घुसा और चारपाई पर सो रही सुशीला का गला रेत दिया।
अचानक नींद खुलने पर उसके पुत्र रामेश्वर (12) ने विरोध किया तो पिटाई कर दी। इसके बाद देवी को चढ़ावा चढ़ाने की बात कहते हुए सुशीला के बाजू से मांस काटकर भाग निकला। चीख पुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मायके वालों की मदद से उसे संजीवनी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसको कई टांके लगाए गए। बुधवार की शाम तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
पीडि़ता के भाई लालबाबू की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर कई जगहों पर दबिश भी दी लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया।
थाने के एसआई उमाशंकर पांडेय के मुताबिक मायके वालों का कहना है कि पति जगदीश प्रसाद ने चढ़ावा चढ़ाने की बात कहते हुए महिला का बाजू काट लिया। एसआई ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम सिंगरौली भेजी गई है।