विंध्याचल मंडल के आयुक्त अनिल कुमार ने बुधवार की सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यहां परिसर में गंदगी और दुर्व्यवस्था देख भड़क उठे। रजिस्टर पर रोगियों का नाम और दवा स्पष्ट न लिखने पर डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई। चेताया कि परिसर में सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यहां से निरीक्षण करने के बाद आयुक्त ने सलखन प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।
सुबह सवा 10 बजे जिला अस्पताल में मंडलायुक्त अनिल कुमार ने निरीक्षण शुरू किया। सर्वप्रथम उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में तैनात डाक्टर प्रवेश सिंह से सर्प काटने की दवा के बारे में जानकारी ली। डा. प्रवेश ने बताया कि स्नैक बाइट की दवा उपलब्ध है, जरूरत पड़ने पर रोगियों को दी जाती है। इसके बाद आयुक्त ने ओपीडी कक्ष को देखा और सीएमएस से प्रतिदिन कितने आपरेशन होते हैं, इस बारे में जानकारी ली। इसके बाद आयुक्त पोषण पुनर्वास केंद्र में जाकर भर्ती बच्चों को दी जानी वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। यहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बच्चों को 15 दिन रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है। मंडलायुक्त ने सीएमओ डा. अमरेंद्र बहादुर सिंह और सीएमएस डा. आरएन मिश्रा को तत्काल नए बेडशीट खरीदकर सभी बेडों पर लगवाने का निर्देश दिया। आयुक्त और डीएम संजय कुमार सीएमएस कार्यालय के नवनिर्मित भवन को देख कार्यदायी संस्था के जेई पर भड़क गए। आयुक्त ने जेई को मानक के विपरित भवन की रंगाई और टाइल्स लगवाने का निर्देश दिया। साथ ही सीएमएस को 15 अगस्त के पहले दफ्तर शिफ्ट करने को कहां। इस मौके पर सीडीओ महेंद्र सिंह, एसडीएम हर्ष देव पांडेय, डीएफओ एसवीपी सिंह, एससीएमओ डा. गणेश प्रसाद मौजूद रहे। सलखन संवाददाता के मुताबिक, करीब पौने 12 बजे आयुक्त ने प्राइमरी विद्यालय सलखन का निरीक्षण किया।यहां उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का निर्देश दिया।