सोनभद्र। माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 2020 की बोर्ड परीक्षा में 50 फीसदी से कम रिजल्ट वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। उसे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से बनाकर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। जिले के तीन राजकीय हाईस्कूलों का परीक्षा परिणाम बीते साल 50 फीसदी से कम था। ऐसे में वहां मौजूद संसाधनों और शिक्षकों की स्थिति की भी रिपोर्ट मांगी गई है।
वर्ष 2020 की परीक्षा में राजकीय बालिका हाईस्कूल बभनी का परीक्षाफल शून्य था। यहां गत वर्ष शिक्षकों की भी संख्या शून्य थी। किसी तरह से दूसरे स्कूल के शिक्षक को संबद्ध कर इसे संचालित कराया जा रहा था। इसी तरह राजकीय हाईस्कूल कन्हौरा का रिजल्ट महज 16.16 फीसदी था। यहां एक मात्र शिक्षक भगत सिंह की तैनाती थी। राजकीय हाईस्कूल पिपरहर का परिणाम 28.57 फीसदी था। यहां केवल प्रधानाध्यापक की तैनाती थी। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक आरएस द्विवेदी ने बताया कि रिपोर्ट परिषद को भेजी जा रही है। आगे इसी के अनुसार सुधार भी होगा। स्कूलों में कक्षा कक्ष की उपलब्धता, बिजली कनेक्शन, पेयजल सुविधा, शौचालय की स्थिति, खेल मैदान व फर्नीचर आदि के इंतजाम की भी रिपोर्ट बनाई गई है। बताया कि परिषद की ओर से ही पहले ऐसे स्कूलों का नाम आया था। उसमें स्कूल का नाम, बीते साल का परिणाम कितना रहा यह भी लिखा था। उसी के अनुसार रिपोर्ट मांगी गई। अब उसी के अनुसार रिपोर्ट भेजी गई है।
बीईओ की मांगी गई रिपोर्ट
सोनभद्र। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट स्कूल शिक्षा के महानिदेशक ने मांगी है। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि मांगी गई सूचना भेज दी गई है। जिले में आठ खंड शिक्षा अधिकारी तैनात हैं। इनकी किस ब्लाक में, कब से तैनाती है इसकी रिपोर्ट भेजी गई है।