सोनभद्र। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में कच्ची गली मुक्त ग्राम योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। इसके तहत गांव में कच्ची गलियों का पक्की करण कराया जा रहा है। घोरावल ब्लाक के करमा गांव को जिले का पहला कच्ची गली मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ ने अब तक कच्ची गली मुक्त गांव में कराए गए कार्यों का विवरण सभी ब्लॉकों से तलब किया है। इसको लेकर ब्लॉक स्तर पर रिकार्ड तैयार किए जा रहे हैं, ताकि डीपीआरओ कार्यालय को सौंपा जा सके।जिले में 637 ग्राम पंचायतों में करीब 16 सौ से अधिक राजस्व गांव हैं। इन राजस्व गांव में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत गांव में जहां-जहां कच्ची गलियां हैं उन्हें चिन्हित कर उनका पक्की करण किया जा रहा है। इस अभियान के तहत गांवों को पक्की रोड से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को कीचड़ युक्त सड़क से निजात मिल सके। इस अभियान के तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में कच्ची गली को पक्की बनाकर कच्ची गली मुक्त ग्राम योजना चलाई जा रही है। पिछले दिनों जिले के नोडल अफसर डॉ. राजशेखर के अगुवाई में घोरावल ब्लाक के करमा गांव को कच्ची कली मुक्त घोषित किया जा चुका है। जबकि अन्य गांव में इस पर कार्य कराया जा रहा है। इसी तरह से अन्य इलाकों में भी इस पर युद्ध स्तर पर काम कराया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि 14 अगस्त तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों को कच्ची गली मुक्त गांव घोषित किया जाना है। इस पर एक अभियान के तहत युद्ध स्तर पर कार्य कराया जा रहा है। सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत और सचिवों से इसको लेकर रिपोर्ट तलब किया गया है। पूछा गया है कि अब तक कितने गांव में कच्ची गली पर काम कराया गया है और अभी कितना कराया जाना है। इसको लेकर संबंधितों से कार्य योजना भी तलब की गई है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा गांव को कच्ची गली मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। इसके लिए डीएम और सीडीओ के निर्देशन में लगातार कार्य कराया जा रहा है।