सोनभद्र। गर्मी का आगाज होते ही जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट शुरू हो गया है। इससे निपटने के लिए पंचायती राज विभाग ने कमर कस ली है। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने प्रशासकों से ग्राम पंचायतों में पूर्व में खरीदे गए टैंकरों की उपलब्धता की रिपोर्ट तलब की है। टैंकरों की स्थिति की जानकारी के बाद समिति बैठक कर टैंकरों से पेयजलापूर्ति के लिए रेट तय करेगी।
हर साल गर्मी के दिनों में राबर्ट्सगंज ब्लॉक के उरमौरा, लोढ़ी, कमोजी, पुसौली, बढ़ौली, सेमरा, छपका, रौप, बभनौली समेत अन्य गांवों के अधिकांश हैंडपंप जवाब दे देते हैं। इस नाते ग्रामीणों के समक्ष पानी का संकट विकराल रूप धारण कर लिया। जिला मुख्यालय से सटे गांवों का यह हाल है तो दूरूह-पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में गर्मी के दिनों में पेयजल की कितनी समस्याएं होती होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। रविवार को नगवां ब्लॉक के गोटीबांध गांव के एक बस्ती में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप ने पानी छोड़ दिया। इससे रहवासी परेशान हो गए और अधिकारियों को फोन कर पानी की समस्या से अवगत कराया। मामला संज्ञान में आने पर सदर एसडीएम केएस पांडेय ने डीपीआरओ को गोटीबांध में टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने के लिए कहा ताकि समस्या दूर हो सकें। पेयजल समस्या की शुरूआत होते ही डीपीआरओ ने सभी प्रशासकों से किन-किन ग्राम पंचायतों में टैंकर उपलब्ध है और कहां पर क्रय नहीं की गई है आदि के बारे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। ताकि जिन गांवों में पानी की समस्याएं होने की जानकारी मिले वहां पर टैंकरों से आपूर्ति कराई जा सकें।
1389 गांवों में होगी पेयजलापूर्ति
सोनभद्र। जनपदवासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2021 में 1389 राजस्व गांवों तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 3212.18 करोड़ रुपये की लागत वाली 14 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी 14 परियोजनाओं की बीते 22 नवंबर 2020 को आधारशिला रख चुके हैं। उनमें से सबसे अधिक छह लाख 89 हजार 252 लोग पटवध ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना से लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से बेलछ, बसुहारी, समेत 661 राजस्व गांवों में जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। हर्रा ग्राम समूह पेयजल योजना से 44 राजस्व गांवों के 96 हजार 064, केवधा योजना से 13 राजस्व गांवों के 50 हजार 167, बेलाही से 233 गांवों के एक लाख 59 हजार 700 और गुरमुरा से 9 गांवों के 60 हजार 405 ग्रामीण लाभान्वित होंगे। इसके अलावा तेंदुआही पेयजल योजना से 88 गांवों के 74 हजार 423, नगवां से 46 गांवों के 41 हजार 413, पनारी से 6 गांवों के 44 हजार 452 तथा कदरा से 6 गांवों के 11 हजार 282 लोग लाभान्वित होंगे। नेवारी ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना से 12 गांवों के 27 हजार 617, परासी से 37 गांवों के दो लाख 08 हजार 564, अमवार से 65 गांवों के एक लाख 30 हजार 319, बीजपुर से 3 गांवों के 15 हजार 394 और झीलो योजना से 166 गांवों के तीन लाख 43 हजार 406 लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी है।
नगवां ब्लॉक के गोटीबांध गांव में हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न होने की जानकारी मिलने पर मातहतों को टैंकरों से आपूर्ति कराने को कहां गया है। प्रशासकों से ग्राम पंचायतों में पूर्व में क्रय किए गए टैंकरों की उपलब्धता के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। समिति बैठक कर टैंकरों से पेयजलापूर्ति के लिए रेट तय करेगी। जिन गांवों में जरूरत होगी वहां पर टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराई जाएगी। - विशाल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, सोनभद्र।