सोनभद्र। राबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र में सूखा राहत के करीब 36 लाख के हुए घोटाले के मामले में शामिल कर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट जिला प्रशसान से तलब की है। शासन ने ईओडब्ल्यू की विवेचना मेें दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ आख्या संस्तुति को स्वीकार कर ली है। डीएम ने सदर कोतवाल को आपराधिक कृत्य करने वाले अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक औपचारिकताएं पूर्ण कर कोर्ट में शीघ्र आरोप पत्र प्रस्तुत करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया है।
2007 में सूखा राहत राशि बांटने के लिए आई थी लेकिन तत्कालीन कर्मियों की मिलीभगत से करीब 36 लाख धन की बंदरबांट कर ली गई थी। उस समय राबर्ट्सगंज कोतवाली में लेखपाल समेत कुछ कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। शासन ने डीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि तहसील राबर्ट्सगंज में वित्तीय वर्ष 2007-08 में कृषकों के वितरित करने के लिए शासन से भेजे गए सूखा राहत चेक का भुगतान आपस में षड्यंत्र कर 36 लाख रुपये गबन किए जाने के संबंध मेें थाना राबर्ट्सगंज में 2010 में केस दर्ज है। इस मुकदमे में पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ ईओडब्ल्यू/अन्वेक्षण द्वारा उपलब्ध कराए गए विवेचना आख्या में की गयी संस्तुति शासन ने स्वीकार कर ली है। डीएम अभिषेक सिंह ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से प्रकरण में आपराधिक कृत्य करने वालों के विरुद्ध विधिक औपचारिकताएं पूर्ण कर कोर्ट में यथाशीघ्र आरोप पत्र प्रस्तुत करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया है। कोतवाल अविनाश चंद्र सिन्हा ने रिपोर्ट मांगे जाने की पुष्टि की है।