जिले में हुई मूसलाधार बारिश से कई गांवों की सड़कें टूट गई हैं। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। टूटी सड़कों की चपेट में आकर बाइक एवं साइकल सवार चुटहिल हो रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सीबी सिंह ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से शीघ्र क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपार्ट तलब की हैै। ताकि सड़कों की मरम्मत कराई जा सके।
गौरतलब हो कि जिले का सर्वाधिक क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित हैै। यहां सोन नदी, बेलन, कनहर, बकहर, रेणु, बिजुल, पांगन आदि प्रमुख नदियां हैैं। इसी माह में पिछले कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से सभी नदियां कई दिनों तक उफान पर रहीं। वहीं नाले, बांध, बंधी और तालाबों में क्षमता से अधिक पानी भरन से कई गांवों में बाढ़ के हालात हो गए थे।
सदर, घोरावल और दुद्घी तहसील क्षेत्र के सैकड़ों कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं। अत्याधिक बारिश होने से ममुआ, बिच्छी, मानुपर समेत अन्य गांवों की सड़कें टूट गई है। इसी तरह से बरकरा, बढ़ौली, घुवास, उरमौरा, लोढ़ी, कुसी कैथी समेत अन्य गांवों की सड़कें गड्ढे में तब्दील हो गई है।
सड़कों पर बने गड्ढे में जमा पानी में साइकल और बाइक सवार गिर कर चुटहिल हो रहे हैं। रात में तबीयत खराब होने पर रोगियों को अस्पताल ले जाने और वहां से उनको लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहीं हाल दुरूह और नक्सल क्षेत्र के जुगैल, कोटा, बेलछ समेत अन्य गांवों के सड़कों की है। सड़कों के खराब होने से सवारी वाहनों का संचालन नाममात्र का हो रहा है।
हालांकि मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हैै। इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को एई और जेई को मौके पर भेज कर बाढ़ से प्रभावित गांवों की खराब सड़कों की रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद सड़कों के मरम्मत कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।