अंधाधुंध खनन और परमिट की जांच में चौतरफा घिरे पट्टा धारक एक बार फिर अवैध खनन में फंस गए हैं। लीज से बढ़कर अवैध रूप से 70 ट्रक बोल्डर निकालने के मामले में खान विभाग ने रेलवे लाइन से सटे आराजी संख्या 4478 (छ) की मालकिन पर 10 लाख 75 हजार का जुर्माना ठोका है। इसी लीज पर 100 दिन में क्षमता से अधिक पत्थर निकाले जाने की जांच रिपोर्ट मार्च माह में राज्यपाल तलब कर चुके हैं। वहीं, डीएम सीबी सिंह ने कहा कि लीज धारक से जुर्माना जमा करा लिया गया है। साथ ही भविष्य में अवैध खनन करने पर पट्टा सील करने की सख्त चेतावनी दी गई है।
बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में आराजी संख्या 4478 छ में पत्थर का लीज है। 1.75 एकड़ में फैले खदान की वैधता तीन अक्तूबर 2021 तक के लिए है। खान अधिकारी आरपी सिंह ने खदान में जांच पड़ताल की तो अवैध खनन की पुष्टि हुई। जांच में पता चला कि लीज से बढ़कर 1400 घनमीटर बोल्डर (70 ट्रक) अवैध खनन हुआ है। खदान में काम रोकवाते हुए पट्टे धारक को नोटिस जारी करते हुए दस लाख 75 हजार का जुर्माना लगाया गया। लीज धारक ने जुर्माना जमा कराते हुए माना कि उनके मुंशी ने गलती से अवैध खनन कराया है। भविष्य में इस तरह की गलती न दोहराने की बात कही।
क्षमता से अधिक 100 दिन में चार खदानों में 84 हजार 800 परमिट जारी करने में इसी पट्टे धारक की जांच शासन स्तर से चल रही है। अमर उजाला में खुलासे के बाद मार्च माह में राज्यपाल रिपोर्ट तलब कर चुके हैं। बावजूद जिम्मेदारों पर कार्रवाई का भय नहीं है और वह अवैध खनन करा रहे हैं। वहीं डीएम सीबी सिंह ने कहा कि खान अधिकारी आरपी सिंह ने अवैध खनन पर पट्टे धारक से रायल्टी जमा करा लिया है। उन्हें चेतावनी भी जारी की गई है। कहा कि किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने देंगे।