सोनभद्र/घोरावल/दुद्धी। प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने वाले विभागों में शुमार स्टांप निबंधन विभाग इस समय मंदी की चपेट में है। कोरोना में जमीनों का सौदा व रजिस्ट्री पहले की अपेक्षा कम हो रही। लाकडाउन के पूर्व प्रतिदिन करीब 40 से 45 रजिस्ट्री होती थी जिससे करीब 10 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता था लेकिन अब रजिस्ट्री की संख्या घटकर 25 से 30 रह गई है।
राबर्ट्सगंज तहसील के उप निबंधक नीरज पांडेय ने बताया कि पहले प्रतिदिन 25 से 30 रजिस्ट्री होती थी जो अब घटकर 15 से 17 हो गई है। इससे राजस्व में भी भारी कमी आई है। घोरावल तहसील के उपनिबंधक धीरेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि लॉक डाउन के पूर्व सामान्य तौर पर प्रतिदिन 7 से 10 तक रजिस्ट्री की जाती थी। 16 अप्रैल से यहां रजिस्ट्री शुरू हुई है। लेकिन पूरे अप्रैल माह में जमीन की सिर्फ एक रजिस्ट्री हुई है। मई महीने में भी रजिस्ट्री का काम धीमा रहा और कुल मिलाकर करीब 100 रजिस्ट्री हुई है। जून महीने में रजिस्ट्री में कुछ तेजी आई और 1 जून से लेकर अब तक प्रतिदिन करीब 7 से 8 रजिस्ट्री हुई। इस जून में अब तक करीब सवा सौ रजिस्ट्री हुई है। तहसील कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग और बचाव के सारे प्रबंध किए गए हैं। रजिस्ट्री के जरूरत के हिसाब से एक बार में सीमित लोगों को 4 से 6 लोगों को बुलाया जाता है। कार्यालय के बाहर साबुन से हांथ धुलवाने के क्रेता व विक्रेता को बुलाया जाता है। मशीन के जरिए पूरे कार्यालय को सैनिटाइज किया जाता है।
उधर दुद्धी तहसील के उप निबंधक आलोक सिंह ने बताया कि मार्च में लाकडाउन के बाद जमीन रजिस्ट्री से 25 लाख 54 हजार राजस्व मिला। अप्रैल में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है। मई में यह घटकर 22 लाख 56 हजार राजस्व हुआ, फिर जून में अब तक 25 लाख 54 हजार रुपये राजस्व मिला है। बताया कि रजिस्ट्री के लिए सोशल डिस्टेंस, मॉस्क, सैनिटाइजर आदि गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है।