सोनभद्र। घोरावल ब्लाक के कुसुम्हा ग्राम पंचायत में काम कराए बगैर भुगतान करा लेने पर कैशबुक ही बदल दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में प्रधान को बर्खास्त किए जाने के बाद अब 53 शौचालयों के निर्माण में अनियमितता के मामले में जेल में बंद चल रहे तत्कालीन पंचायत सचिव से रिकवरी करने की तैयारी चल रही है।
जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल के मुताबिक कुसुम्हा ग्राम पंचायत में एक मामले में काम कराए बगैर भुगतान होने का मामला सामने आया था। इस मामले में 9999 रुपये का भुगतान कर लिया गया था। ग्रामीणों की तरफ से की गई शिकायत की जांच में मामला सही मिलने पर जब कार्रवाई की तैयारी चल रही थी, इसी बीच कैशबुक ही बदल दिया गया। आरोप है कि तत्कालीन पंचायत सचिव हफीउल्लाह व प्रधान श्यामलाल ने मिलीभगत करके कैशबुक बदल दिया ताकि मामला पकड़ में न आए। डीपीआरओ ने बताया कि प्रधान को इस मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। प्रधान व सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन पंचायत सचिव से 9999 में से आधी-आधी धनराशि रिकवरी करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। रिकवरी की धनराशि ग्राम पंचायत ग्राम निधि एक में जमा करके जमा रसीद मांगी गई है।