सोनभद्र। हर घर नल योजना से संतृप्त होने के बाद भी नगवां ब्लॉक के पांच ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था के नाम पर लाखों की रकम खर्च करने के मामले की जांच शुरू हो गई है।
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए जहां डीएम ने मामले से जुड़ी जानकारी तलब की है और जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं बीडीओ अनिल सिंह ने गड़बड़ी बरतने वाली पांचों ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड जांच के लिए तलब किए हैं। साथ ही तत्कालीन पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करते हुए जवाब भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जल्द जवाब प्रस्तुत न करने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
वर्ष 2024-25 में नगवां ब्लॉक के केवटम, वन बहुआर, दरेंव, सुअरसोत, देवरी मय देवरा में हर घर नल योजना से पिछले साल ही पानी पहुंचाए जाने के बाद भी यहां हैंडपंप मरम्मत-रिबोर पर 17,26,391 रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं महज दरेंव, केवटम और वन बहुआर में टैंकर परिचालन-मरम्मत के नाम पर 5,29,464 रुपये की धनराशि खर्च की गई है।
खास बात यह है कि केवटम ग्राम पंचायत में जिस फर्म से स्टेशनरी खरीदी, उसी से फोटो स्टेट कराया और उसी से हैंडपंप मरम्मत, टैंकर मरम्मत, सबमर्सिबल मरम्मत के लिए सामग्री भी खरीद ली गई। दरेंव में जिन व्यक्ति से एक नहीं 13 हैंडपंपों की मरम्मत में मजदूरी का कार्य कराया गया।
उसे टैंकर स्वामी बनाते हुए टैंकर परिचालन के नाम पर उसके खाते में 50,100 रुपये भेज दिए गए। पड़ताल में यह भी सामने आया कि ब्लाॅक मुख्यालय पर एक ऐसी दुकान है जिसकी पहचान फोटो स्टेट और स्टेशनरी दुकान की है लेकिन उसी दुकान से जुड़ी फर्म से नगवां ब्लॉक के ज्यादातर ग्राम पंचायतों में हैंडपंप व बिल्डिंग मैटेरियल की सामग्री ले ली गई।