सोनभद्र। रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की प्रशासन ने जांच शुरू करा दी है। एडीएम ने एक्सईएन रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी को वर्ष 2015-16 व 2018-20 तक कराए गए कार्यों से संबंधित कैश बुक व अन्य अभिलेखों के साथ सोमवार को कलेक्ट्रेट में तलब किया है। तीन साल के कार्यों की फाइलें तलब किए जाने से संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
पिछले दिनों कुबेर सिंह, राजकुमार, आदर्श शाही समेत कुछ अन्य लोगों ने एडीएम को रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी के अधिकारियों के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग किए जाने की शिकायत कर मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की थी। शिकायत के मद्देनजर एडीएम ने रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी के अधिशासी अभियंता से वर्ष 2015-16 से लेकर 2018-20 तक कराए गए कार्यों से संबंधित कैशबुक, निविदा के संबंध मेें पेपर कटिंग के अलावा प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ उपखंडीय अनुबंध रजिस्टर तलब कर लिया है।
इसके अलावा वर्ष 2015-16 से लेकर 2018-2020 तक कराए गए कार्यों से संबंधित प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ उपखंडीय कार्यादेश पुस्तिका और कराए गए कार्यों के लिए प्राप्त धन तथा खर्च का विवरण भी मांगा है। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी के एक्सईएन को उपरोक्त अभिलेखों, सूचनाओं, विवरण के साथ अपने कार्यालय के कैशियर को 24 जून को सुबह 11 बजे तक भेजने के लिए कहा गया था। लेकिन कैशियर को अभिलेखों के साथ भेजा नहीं गया। इसके चलते शिकायत की जांच नहीं हो सकी। अब एक्सईएन को खुद अभिलेखों के साथ 29 जून को सुबह 11 बजे बुलाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संबंधित अधिकारी समय से उपस्थित नहीं होंगे तो शिकायत को सही मानते उसके उच्चाधिकारियों के पास जांच आख्या भेजी जाएगी।