अब परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को बच्चों का ब्योरा प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अब परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का भी रिकॉर्ड रखेगा। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। भेजे गए निर्देश में महानिदेशक ने कहा है कि निपुण भारत मिशन के तहत इस बार विशेष शिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसी क्रम में ऐसे परिषदीय विद्यालय जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, वहां बाल वाटिका में नामांकित 5 से 6 आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन प्रधानाध्यापक प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करेंगे। यह कार्य 15 सितंबर तक पूरा करना होगा। विभाग के इस आदेश से बच्चों का भविष्य में कक्षा एक में दाखिला दिलाने में भी मदद मिलेगी। अभी बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का ब्योरा न होने से उनका कक्षा एक में प्रवेश कराने में कुछ दिक्कत होती है। विभाग को भी पता रहेगा कि कक्षा एक में कितने बच्चों का दाखिला होना है और उस हिसाब से इंतजाम भी हो सकेंगे। राबर्ट्सगंज, ओबरा, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र में 2061 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में करीब दो सौ आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 19000 बच्चे अध्ययनरत हैं।
परिषदीय स्कूल परिसरों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्यनरत 5 से 6 वर्ष के बच्चों का नामांकन प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया गया है। - हरिवंश कुमार, बीएसए।