ओबरा। इस बार मानसून में भरपूर बारिश होने कारण रिहंद जलाशय में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता है। इसकी वजह से ओबरा जलविद्युत गृह ने चालू वित्तीय वर्ष में बिजली उत्पादन का नया रिकार्ड कायम किया है।
प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली देने वाले इस जल विद्युत गृह ने अक्तूबर माह में ही वित्तीय साल के निर्धारित लक्ष्य को भी पीछे छोड़ दिया है। कुल 300 मेगावाट के रिहंद और 99 मेगावाट के ओबरा जलविद्युत गृहों ने चालू वित्तीय वर्ष में अक्तूबर तक 783 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। जो अब तक का सर्वाधिक बिजली उत्पादन है। इससे पूर्व वर्ष 2017 में इन दोनों बिजली घरों से 745.57 मिलियन यूनिट अधिकतम बिजली का उत्पादन हुआ था। ज्ञात हो, बीते साल अक्तूबर 2019 तक दोनों बिजली घरों से सिर्फ 240 मिलियन यूनिट ही बिजली पैदा की जा सकी थी, जबकि वर्ष 2018 में 379 मिलियन यूनिट बिजली का ही उत्पादन किया गया था। ओबरा बांध प्रखंड के अवर अभियंता मुन्ना राम ने बताया कि मौजूदा समय में ओबरा डैम का जल स्तर 192.85 मीटर है। उन्होंने बताया कि रिहन्द बांध पर स्थित पिपरी जल विद्युत गृह के टरबाइन को चालू कर ओबरा में बिजली उत्पादन में सहयोग लिया जा रहा है। इससे जरिए ओबरा हाइडिल की भी दो टरबाइनें चलाकर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।