सोनभद्र। एक ट्रैक्टर मालिक से किश्त जमा करा कर उन्हें रसीद और वाहन वापस न करने के मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने राबर्ट्सगंज कोतवाल को एजेंसी और फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के खटौली गांव निवासी बिलास ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। बिलास का कहना है कि उन्होंने 30 नवंबर 2020 को पिपरी रोड राबर्ट्सगंज स्थित एक एजेंसी से एक ट्रैक्टर मय कल्टीवेटर खरीदा। एक लाख 65 हजार रुपये नकद कई किश्तों में जमा किया। एजेंसी की ओर से एक फाइनेंस कंपनी से पांच लाख पांच हजार आठ सौ इक्कीस रुपये फाइनेंस करवाया गया। इस धनराशि को 60 किश्तों में जमा करना था। उन्होंने कंपनी के एजेंटों को सात किश्त जमा किया, लेकिन उन्हें तीन किश्तों की रसीद दी गई। उसका आरोप है कि वर्ष 2021 में एजेंटों ने ट्रैक्टर के कुछ कागजात बनवाने का बहाना बनाकर वाहन को एजेंसी पर मंगा लिया। इसके बाद ट्रैक्टर को मांगने पर नहीं दिया, बल्कि विवाद करने पर आमादा हो गए। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल राबर्ट्सगंज को एजेंसी के प्रबंधक और कर्मचारी धीरज पांडेय, उपेंद्र यादव के अलावा प्रबंधक सीएनएच इंडस्ट्रियल कैपिटल इंडिया लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है।