1500 बड़े बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी
-लंबे समय से जमा नहीं कर रहे विभव एवं संपत्ति कर
-जिला पंचायत का 35 लाख रुपये कर है बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। लंबे समय से बकाया विभव एवं संपत्ति कर (हैसियत व जायदाद कर) जमा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत प्रशासन की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले ऐसे करीब 1500 बड़े बकायेदारों को चिह्नित करते हुए आरसी जारी किया गया है। बकाया धनराशि न जमा करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई हो सकती है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में व्यवसाय करने वालों से जिला पंचायत को कर वसूल करने का अधिकार है। जो व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हुए व्यवसाय कर रहे है, वे इसके दायरे में आते हैैं। व्यवसाय करने वालों से विभव एवं संपत्ति कर वसूल किया जाता है। वर्तमान समय में जिला पंचायत 6000 से अधिक लोगों से विभव संपत्ति कर वसूल कर रहा है। इसमें से भी करीब 1500 करदाता ऐसे हैं जो लंबे समय में कर जमा नहीं कर रहे हैं। इन करदाताओं पर कुल 35 लाख रुपये बकाया है। जिला पंचायत कार्यालय से बकाया जमा करने के लिए संबंधितों को पूर्व में कई बार सूचना जारी की जा चुकी है। बावजूद इसके बकायेदारों ने कर जमा नहीं किया। इस पर जिला पंचायत प्रशासन की तरफ से लंबे समय से विभव संपत्ति कर जमा न करने वालों की सूची तैयार कराई गई है। इसी सप्ताह उनके खिलाफ आरसी भी जारी कर दी गई है। आरसी जारी हो जाने से बकायेदारों में हड़कंप हैं। जिला पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि मार्च माह तक बकाया कर जमा न करने वालों के खिलाफ तहसील प्रशासन के माध्यम से आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
इनसेट--
क्या होता है विभव एवं संपत्ति कर
जिला पंचायत की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संपत्ति एवं विभव कर को लागू करने का प्रावधान किया गया है। जिला पंचायत द्वारा 20 हजार रुपये वार्षिक आमदनी के ऊपर तीन प्रतिशत की दर से यह कर लिया जा सकता है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में व्यवसाय करने वालों पर यह कर लगाया जाता है।
वर्जन-
विभव संपत्ति कर के 1500 बड़े बकायेदारों की सूची बनाई गई है। बकाया जमा न करने पर उनके खिलाफ आरसी जारी की गई है। कर जमा न करने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत-सोनभद्र।