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मेडिकल के लिए तीन घंटे तक इंतजार करती रही दुष्कर्म पीड़िता

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दुष्कर्म की घटनाओं पर सरकार जितनी संवेदनशील है अफसर उतने ही लापरवाह हैं। इसकी बानगी सोमवार की रात जिला अस्पताल में दिखी। ओबरा की आठ वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के लिए घंटों तक कोई डॉक्टर ही नहीं पहुंचा। सूचना पाकर आनन-फानन में सीएमओ पहुंचे लेकिन डॉक्टर का तब तक भी पता नहीं था। जिला अस्पताल से गाड़ी भेजकर डॉक्टर को बुलाया गया। तब तीन घंटे बाद पीड़िता का मेडिकल हुआ। रात में ही एसपी ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात कही है।
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रेणुकापार क्षेत्र के एक गांव निवासी आठ वर्षीय बालिका के साथ पड़ोस के ही किशोर ने दुष्कर्म किया था। सोमवार को मामला थाने पहुंचा तो देर शाम पुलिस पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर आई। मौके पर कोई महिला डॉक्टर नहीं थी। घंटे भर इंतजार करने के बाद भी महिला डॉक्टर नहीं पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने ओबरा थानाध्यक्ष को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मिथिलेश मिश्रा अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। थाना प्रभारी ने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। कुछ ही देर बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह जिला अस्पताल पहुंच गए और सीएमओ से बात की। आनन-फानन सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक मेडिकल करने वाले किसी चिकित्सक का पता नहीं था।
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सीएमओ ने सीएमएस से महिला डॉक्टर को बुलवाने को कहा। रात करीब दस बजे अस्पताल से वाहन भेजकर महिला डॉक्टर को बुलवाया गया। इसके बाद मेडिकल परीक्षण हो सका। सीएमओ ने कहा कि जिस महिला डॉक्टर की ड्यूटी थी वह अपने घर पर थी। कहा कि पीड़िता का मेडिकल करने में बरती गई लापरवाही के संबंध में रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। उधर, सीएमएस डॉ. के कुमार का कहना है कि समय से ड्यूटी पर न पहुंचने वाली डॉक्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। समुचित जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में लगती है ड्यूटी
आपात चिकित्सा के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स की तरह की महिला चिकित्सक की भी ड्यूटी लगाने का निर्देश है। कई जगहों पर ऑन काल भी तत्काल महिला चिकित्सक उपलब्ध हो जाती हैं। दुष्कर्म पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के मामले में घंटों तक किसी महिला चिकित्सक का न पहुंचना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। सीएमओ ने बताया कि इन सभी बिंदुओं पर सीएमएस से लिखित में जवाब लिया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
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