सोनभद्र। बजरंग रामलीला समिति के तत्वावधान में घोरावल क्षेत्र के कोहरथा गांव में आयोजित पांच दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन मंगलवार रात श्रीराम जन्मोत्सव का मंचन किया गया। रामलीला के कलाकारों ने रामायण के पात्रों का सजीव अभिनय कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन में प्रभु श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघभन के जन्म होते ही अयोध्या में सोहर गूंजने लगा। अयोध्या में खुशी की लहर दौड़ आई और हर तरफ सोहर गाया जा रहा है। रामलीला कमेटी के प्रबंधक और विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख नरसिंह त्रिपाठी, रामखेलावन सिंह, राम औतार , कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश पाठक, अयोध्या प्रसाद, कामेश्वरी प्रसाद, सुरेश अग्रहरि, धीरज अग्रहरि, शिवदास, शिवसागर, सुरेंद्र पाठक, दिवाकर पाठक, रमेश पाठक, विनय पाठक, श्रीपति त्रिपाठी, चंद्रशेखर, आशीष, प्रवीण, सुनील, राजेश त्रिपाठी, महेंद्र प्रसाद, रमेश अग्रहरि आदि रहे।
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गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं: सुनीता
सोनभद्र। पंडित विद्याधर इंटर कालेज कबरी के परिसर में चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन बुधवार को भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं की झांकी निकाली गई। श्रीराम कथा सुनाते हुए कथावाचक सुनीता पांडेय ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है। ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु के पास जाना परम आवश्यक है। भगवान श्रीराम भी ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु के पास गए। श्रोतागण एकाग्रचित्त होकर कथा के समापन तक ज्ञान गंगा का अमृत रसपान कर रहे थे। इस मौके पर अध्यक्ष नंदगोपाल पांडेय, संचालक श्रवण कुमार पांडेय, राकेश देव, अरविंद पांडेय, संजय देव, अवधेश सिंह, आनंद देव पांडेय, बृजेश पाठक, दयाशंकर पांडेय आदि रहे। संवाद