पिछले दिनों हुई तेज बारिश ने जिले की सड़कों की हालत खराब कर दी है। बारिश से सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों से हादसे हो रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं। सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
फिलहाल 570 किमी लंबी सड़कें चिह्नित की गई हैं। इसमें 500 किमी की ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इस बार बारिश ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अगस्त में 360 एमएम मानक के सापेक्ष से 121 फीसदी यानि 438 एमएम बारिश हुई थी।
सितंबर में भी बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इस माह महज 15-17 सितंबर के बीच ही 165 एमएम से अधिक बरसात दर्ज की गई। बारिश के कारण नदी-नाले उफनाने से सभी बांध भी भरे हैं। कई जगह सड़क पानी आ गया था। जलभराव के कारण भी सड़कों को काफी क्षति पहुंची है।
जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। फौरी तौर पर प्रमुख मार्ग के गड्ढों को बड़ी गिट्टियों से पाट दिया गया है, लेकिन इससे राहगीरों को राहत नहीं मिल पा रही। गिट्टियों के कारण बाइक सवार फिसलकर सड़क पर गिर रहे हैं। गड्ढों के कारण भी दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।
सिर्फ नगर क्षेत्र में ही बढ़ौली चौक से मेन चौक के बीच सड़क पर बारिश के चलते 30 से अधिक गड्ढे बन गए हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति मेन चौक से धर्मशाला चौक और पन्नूगंज रेलवे क्रॉसिंग रोड की भी है।
फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन का पश्चिमी छोर पर सफर सबसे ज्यादा मुश्किल है। अप्रैल से सितंबर के बीच पांच बार यह सड़क बन चुकी है, मगर बारिश के चलते हर बार पहले से भी खराब दशा में पहुंच जा रही।
चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक में भी बारिश के कारण ग्रामीणों सड़कों की दशा बिगड़ी है। आगामी दिनों में नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा जैसे प्रमुख त्योहार भी हैं। ऐसे में इन सड़कों से गुजरने वालों को काफी मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।
कई जगह काटी गई सड़क, नवनिर्माण की जरूरत
रहवासी इलाकों में बारिश का पानी घुसने से कई जगह सड़क काटनी पड़ी। सदर ब्लॉक के ममुआ, बिच्छी गांव में सड़क काटकर पानी निकाला गया। बभनी में तेज बहाव से सड़क कट गई। चोपन ब्लॉक के रेणुकापार, म्योरपुर के भाठ क्षेत्र में भी बारिश के चलते सड़क कट गई है। इन सड़कों के नवनिर्माण की जरूरत है।