पिछले दो दिनाें से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। जगह-जगह कीचड़युक्त सड़क होने से सोमवार को आवागमन प्रभावित रहा। बारिश से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी प्रभावित हुईं।
बारिश के चलते राजा शारदा महेश इंटर कालेज मेें दो जर्जर कमरों की छतों से पानी टपकने लगा। इससे विद्यालय प्रशासन को सीटिंग प्लान बदलना पड़ा और परीक्षार्थियों को दूसरे कमरों में शिफ्ट किया गया।
पिछले दो दिनों से मौसम ने करवट ले लिया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। रविवार की रात से हो रही बारिश के चलते सोमवार की सुबह बोर्ड परीक्षार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
तमाम परीक्षार्थी भीगते हुए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। बारिश के चलते कीचड़युक्त मार्ग पर वाहनों के धीमी गति से चलने से भी परीक्षार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बारिश का असर राबर्ट्सगंज के राजा शारदा महेश इंटर कालेज स्थित परीक्षा केंद्र में भी देखने को मिला। यहां पाषाण भवन एक और दो में जर्जर छत होने के नाते परीक्षा के पूर्व से ही पानी टपक रहा था।
इससे परीक्षार्थियों की परेशानी को देखते हुए केंद्र व्यवस्थापक ने दो कमरों का परीक्षा स्थल बदल दिया और पास में ही दूसरे कमरों मेें बच्चों के परीक्षा देने का इंतजाम किया।
इन कमरों में भी कुछ जगहों पर पानी छत से टपक रहा था। इससे बच्चे जर्जर भवन के गिरने की आशंका से सहमे हुए थे। परीक्षार्थियों की परेशानी की दूसरी वजह भवनों में अधेंरा भी रहा।
उधर, बारिश से सड़क पर फिसलन हो गई है। इस नाते राहगीरों और बाइक, साइकल सवार लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रविवार की रात हुई बरसात से दलहन और तिलहन की फसल पर खासा असर पड़ा है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच गई है।
राबर्ट्सगंज बढ़ौली चौक से मेन चौक की ओर जाने वाली सड़क पर कई स्थानों पर जलजमाव हो गया है। शाहगंज प्रतिनिधि के अनुसार रात से ही लगातार हो रही बारिश के चलते सोमवार की सुबह परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर भीगते हुए पहुंचे।
उसी हाल में बच्चों ने परीक्षा भी दी। अनपरा प्रतिनिधि के अनुसार ऊर्जांचल क्षेत्र में सोमवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई। बादल छाए रहने और बारिश से ठंड एक बार फिर बढ़ गई है।
अनपरा/शक्तिनगर संवाददाता के अनुसार लगातार तीन दिनों से रूक-रूक हो रही बूंदाबादी के साथ ही तेज हवा ने जनजीवन बाधित करके रख दिया। इसके चलते एनसीएल खड़िया कालोनी में एक पेड़ धराशायी हो गया।
संयोग ही था कि इससे कोई खासा नुकसान नहीं हुआ। अलबत्ता कुछ देर के लिए आवाजाही बाधित बनी रही। इसी तरह यहां विद्युत पोल गिरने से दो घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही।