चोपन में रेलवे की ओर अतिक्रमण हटाने के लिए कंट्रोल ऑफिस पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : SONBHADRA
वर्षों से आबाद मकान और दुकान को अतिक्रमण बताकर उसे हटाए जाने के विरोध में नगर का माहौल शुक्रवार को फिर गर्म हो गया। रेलवे की ओर से मुनादी कराने और फिर बुलडोजर मंगाने से गुस्साए सैकड़ों लोग रेलवे कंट्रोल ऑफिस पहुंच गए। लोगों ने रेलवे पर मनमानी का आरोप लगाया। सीमांकन पूरा होने तक कोई कार्रवाई न करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले रेलवे की ओर से जबरन लोगों का निर्माण गिराने का प्रयास किया गया तो जनता शांत नहीं बैठेगी।
चोपन बाजार और प्रीतनगर के बड़े हिस्से पर रेलवे ने अपना दावा किया है। रेलवे के अफसरों की दलील है कि यह क्षेत्र उनके दायरे में है। लोगों ने अतिक्रमण कर मकान-दुकान निर्माण कराया है। उधर, लोग अपने निर्माण के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे हैं। लंबे समय से इस पर विवाद बना हुआ है। पिछले दिनों रेलवे के आईओडब्लू रतन शंकर ने नगर के विभिन्न स्थानों पर निवास कर रहे लगभग 22 लोगों के दुकानों व घरों पर नोटिस चस्पा कराते हुए 15 अप्रैल को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी थी। इसके बाद नगर के लोगों ने जिला महामंत्री रामसुंदर निषाद के नेतृत्व में बुधवार को केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलकर भी इस मसले को उठाया था। आईओडब्लू पर अवैध उगाही के मकसद से लोगों को परेशान करने का आरोप मढ़ा था। केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस पर संबंधितों को हस्तक्षेप का निर्देश दिया था। लोग समाधान निकाले जाने के प्रति आश्वस्त थे। इस बीच बृहस्पतिवार की शाम रेलवे की ओर से नगर में अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई गई और शुक्रवार की सुबह बुलडोजर भी मंगा लिया गया। मामले की जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष रेलवे कंट्रोल ऑफिस पहुंच गए। कुछ ही देर में ओबरा एसडीएम जैनेंद्र सिंह, रेलवे के एईएन अजय चौधरी, चोपन एसओ केके सिंह, उप कमांडेंट आरपीएफ अरुण कुमार भी वहां आ गए। लोगों की ओर से अधिवक्ता अमित सिंह ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए रेलवे के दावे को खारिज किया। मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य सत्यप्रकाश तिवारी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जैन आदि ने कहा कि जब तक पूरी तरह से सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता। अगर रेलवे की जमीन में अतिक्रमण है तो रेलवे पूरे साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रखे। जो भी व्यक्ति अपने आराजी में वर्षों से काबिज है, उसके पास जमीन से जुड़े सारे दस्तावेज भी हैं। चेयरमैन प्रतिनिधि उस्मान अली ने भी संयुक्त सीमांकन का समर्थन किया। तमाम जद्दोजहद के बाद नए ढंग से सीमांकन पर सहमति बनी। यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक सीमांकन नहीं हो जाता तब तक किसी को नोटिस नहीं दिया जाएगा। इस दौरान नगर पंचायत सभासद रूपा देवी, प्रदीप अग्रवाल, सावित्री देवी, विट्टू सिंह, मोमबहादुर, रामचंद्र प्रसाद, मनोज सिंह सोलंकी आदि मौजूद रहे।
चोपन में रेलवे की ओर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध कंट्रोल ऑफिस पर जुटे लोग।- फोटो : SONBHADRA