सोनभद्र में एनसीएल परियोजनाओं में कार्य करने वाली ओबी कंपनी में प्रभावशाली लोगों के कोटे से नौकरी बांटने की कथित सूची वायरल होने के बाद विस्थापितों में आक्रोश है। शनिवार को विस्थापित युवा कल्याण समिति के महाप्रबंधक राजन कुमार के नेतृत्व में विस्थापित परिवारों के युवा एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संविदाकार कंपनी के लाइजनिंग अफसर पर विस्थापितों का हक मारने का आरोप लगाया।
युवाओं का कहना था कि कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक सूची वायरल हुई है, जिसमें एनसीएल में आउट सोर्सिग कंपनी एसए यादव में पैरवी व कोटे के आधार पर कर्मी नियुक्त करने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विस्थापित लोग आज भी अपना जीवन यापन करने के लिए रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, मगर उन्हें रोजगार नहीं दिया जा रहा। प्रभावशाली लोगों को कोटा आवंटित करना अन्याय है। कंपनी की ओर से विस्थापित प्रभावित कितने लोगों को नौकरी दी गई है, इसका विवरण सार्वजनिक करने की जरूरत है। कहा कि एनआईटी के समझौते का कितना पालन किया गया इसकी गहराई से जांच हो। आरोप लगाया कि वायरल लिस्ट में थाना प्रभारी के साथ ही कई बड़े नेताओं, अधिकारियों के नाम मौजूद हैं। ऐसे में सभी के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर जांच किया जाना चाहिए।