शक्ति आराधना का महापर्व वासंतिक (चैत्र) नवरात्र के पहले दिन मंगलवार को घर-घर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना किया गया। इसके साथ ही नौ दिनी अनुष्ठान शुरू हो गया।
वासंतिक नवरात्र प्रतिपदा से नवसंवत्सर 2081 भी शुरू हो गया। नवसंवत्सर की लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी। देवी मंदिरों में भक्तों ने माता रानी का शैलपुत्री स्वरूप में दर्शन-पूजन किया। वहीं देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी रहीं। सुबह 11.35 बजे से लेकर 12.24 बजे तक अभिजित मुहूर्त में अधिकांश भक्तों ने कलश स्थापना की।
राबर्ट्सगंज नगर में स्थित दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर, शीतला मंदिर, शक्तिनगर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, अमिला धाम, कुड़ारी देवी और अमरा भगवती धाम सहित अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। नवरात्र शुरू होने के साथ ही देवी मंदिरों के आस-पास अस्थायी फूल-माला की दुकानें सज गई थीं। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे। इसी तरह चोपन, रेणुकूट, दुद्धी, रामगढ़, करमा, ओबरा, म्योरपुर, बीजपुर क्षेत्र में भक्तों ने देवी मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन किए।
शैलपुत्री स्वरूप का भक्तों ने किए दर्शन
चोपन। वासंतिक नवरात्र के प्रतिपदा में वैष्णो मंदिर शक्तिपीठ धाम पर सुबह साढ़े पांच बजे मंदिर में पट खुलने से पहले ही भक्तों की कतार लग गई थी। मां वैष्णो धाम के पुजारी श्रीकांत तिवारी ने बताया कि प्रथम दिन मां शैलपुत्री सच्चे मन से पूजन करने वाले की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने बताया कि सुरक्षा के लिए प्राइवेट सुरक्षा कर्मी लगाए गए हैं। मेन गेट पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली जा रही है।
कलश स्थापना कर विधि विधान से की पूजा
बीजपुर। चैत्र नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना कर भक्तों ने विधि विधान से अनुष्ठान शुरू किया। आवासीय परिसर स्थित शिवमंदिर, बेड़ियां हनुमान मंदिर, अजीरेश्वर महादेव सहित क्षेत्र के समूचे मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा रहा। हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर विशाल शोभायात्रा बजरंगदल जिला संयोजक संदीप गुप्ता के नेतृत्व में बीजपुर स्वागत द्वार, नेमना, जरहा, पिंडारी बकरिहवा चपकी होते हुए निकाली गई। शोभायात्रा में क्षेत्र के युवकों का हुजूम उमड़ा रहा।