राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन, उत्तर प्रदेश राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन) के तहत लोगों को शुद्ध पेयजल का उपयोग करने के लिए जागरूकता अभियान सोमवार से शुरू हुआ।
जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत सदर ब्लॉक परिसर में हुई। यहां कलाकारों ने नाटक की प्रस्तुति कर लोगों को जहां जागरूक किया वहीं विभिन्न तरह के स्टाल भी लगाए गए। डीडीओ ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहनों को रवाना किया।
जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने दीप जला कर किया। जागरूकता के लिए चयनित संस्था जिले के 637 ग्राम पंचायतो में कुल आठ कार्यक्रमों के जरिए जन समुदाय में जन जागरूकता लाएगी। इसके लिए टीम गांव-गांव में जाएगी।
लखनऊ से आये प्रशिक्षक अजीत तिवारी ने बताया कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों स्वच्छ जल के लिए और जल जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। जिला विकास अधिकारी ने सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन के इस प्रयास से ग्रामीण जनता को लाभ पहुचेगा।
उन्होंने इसके लिए सहयोगी टीमों को हरी झडी दिखाकर ग्राम पंचायतों के लिये रवाना किया। कहा कि यह सच है कि ग्राम पंचायतों में जितने भी शौचालय बने हैं उसका दस प्रतिशत उपयोग भी ग्रामीण नहीं करते।
यह जागरूकता की कमी का ही नतीजा है। इसलिए प्रयास होना चाहिए कि यह अभियान भी महज नाटक बनकर न रह जाए। उन्होंने ब्लॉक परिसर में लगे स्टाल का भी निरीक्षण किया।
कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी हरीश चंद्र प्रजापति, डा. प्रभात कुमार द्विवेदी, अश्विनी कुमार सोनकर एवं सहायक विकास अधिकारी ओम प्रकाश कुशवाहा, उपेन्द्र पांडेय, राम अवध मिश्रा एवं दिनेश कुमार अभियंता एवं विकास खंड राबट्र्सगंज कार्यालय के सभी कर्मचारी उपस्थिति रहे।