किशोरी से दुष्कर्म के आठ साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने सोमवार को दो दोषियों को सजा सुनाई। दोषी गुड्डू यादव को 10 साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वहीं दोषी रामप्रीत खरवार को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 10 सितंबर 2014 को पिपरी थाने में दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि कक्षा दस में पढ़ने वाली उसकी बेटी (16) को चार सितंबर की शाम पिपरी थाना क्षेत्र निवासी गुड्डू यादव और रामप्रीत खरवार बहला फुसलाकर भगा ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। पिपरी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर गुड्डू को दस साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं दोषी रामप्रीत खरवार को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह एडवोकेट ने बहस की।