खडिय़ा कोल प्रोजेक्ट के जल भंडारण टैंक पर क्रिकेट खलते बच्चे
एनसीएल की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न रखे जाने पर केंद्रीय सुरक्षा जांच एजेंसियों ने चिंता जताई है। एजेंसियों के स्तर से इसको लेकर एलर्ट जारी कर दिया गया है। इस मामले में केंद्रीय सुरक्षा जांच एजेंसियों ने वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य का हवाला देते हुए कोल इंडिया की मिनी रत्न कंपनी एनसीएल के उच्च प्रबंधन को हालात से अवगत कराया है। बावजूद अभी तक सुरक्षा की कोई व्यवस्था अमल में नहीं लाई जा सकी है।
नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की दस कोयला परियोजनाओं और इससे जुड़े अन्य संस्थानों को जलापूर्ति की एकीकृत व्यवस्था की गई है। इंटीग्रेटेड वाटर सप्लाई स्कीम (आईडब्ल्यूएसएस) के जरिए कोयला परियोजनाओं और उनके आवासीय परिसरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। एक आंकड़े के मुताबिक परोक्ष अथवा अपरोक्ष रूप से करीब 10 लाख लोग इस जलापूर्ति पर निर्भर हैं, इसमें एनसीएल के अधिकारी, कर्मी समेत उनके परिजन शामिल हैं।
अब कोल प्रोजेक्टों में स्थित पानी टैंकों और जलापूर्ति व्यवस्था की बात करे तो यह व्यवस्था सुरक्षा दायरे से बाहर है। एनसीएल के सूत्रों की माने तो इस बड़ी खामी को केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लेते हुए एनसीएल के उच्चाधिकारियों को माह भर पूर्व आगाह किया था। बावजूद अभी तक पुरानी स्थिति ही बनी हुई। इस पर चिंता जताई जा रही है।