अनपरा-सी, उन्नाव सहित बंद चल रही तीनों पारेषण लाइनें शनिवार सुबह तक दुरुस्त कर ली गईं। इसके बाद 2630 मेगावाट वाली अनपरा और 12 सौ मेगावाट वाली निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना के उत्पादन में सुधार शुरू हो गया। अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली छठीं इकाई को दोपहर बाद दो बजे के करीब लाइटअप भी कर लिया गया। देर रात तक इससे उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
गत बुधवार की सुबह पारेषण लाइनों में आए फाल्ट ने जहां अनपरा में बिजली उत्पादन शून्य कर दिया था। वहीं गुरुवार और शुक्रवार को भी किसी न किसी पारेषण लाइन में फाल्ट बने रहने से विद्युत उत्पादन लुढ़का रहा। शुक्रवार की रात कुछ घंटों के लिए अनपरा परियोजना का उत्पादन घटकर हजार मेगावाट से भी नीचे आ गया। हालांकि शनिवार की सुबह अनपरा सी-उन्नाव, अनपरा-ओबरा, अनपरा-मऊ तीनों का संचालन सुचारु रूप से शुरू हो गया। इसके साथ ही अनपरा परियोजना का उत्पादन बढ़कर 15 सौ मेगावाट से अधिक हो गया। वहीं लैंको में पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया गया। अनपरा परियोजना के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि फिलहाल 210 मेगावाट की पहली, दूसरी, पांच सौ मेगावाट की चौथी, पांचवीं इकाई से उत्पादन लिया जा रहा है। पारेषण लाइनों की खराबी के चलते बंद की गई पांच सौ मेगावाट की छठीं इकाई को भी लाइटअप कर उत्पादन पर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आधी रात तक इससे उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। उधर, लैंको यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि अनपरा-उन्नाव लाइन चालू होने के बाद, छह-छह सौ मेगावाट वाली दोनों इकाइयों से बिजली पैदा हो रही है।