राबर्ट्सगंज आरटीएस क्लब में श्री रामचरित मानस नवाह्न पाठ महायज्ञ का गुरुवार को भंडारे के साथ समापन हो गया। नगर में 111 भूदेवों की शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद मूर्ति विसर्जन के लिए गई।
यजमान सुशील पाठक ने गुरुवार को आचार्य संतोष दूबे, अनिल पांडेय, डा. शिवकुमार शास्त्री, यशवंत पांडेय के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रभु श्रीराम के दरबार में पूजन-अर्चन कर आरती उतारी।
इसके बाद मूर्ति विसर्जन के लिए रवाना की गई। 111 भूदेवों के जरिए नगर में शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
उधर, बुधवार को हुए सांध्यकालीन प्रवचन में जौनपुर से आए जगदीश पांडेय और अंबिका प्रसाद दूबे ने भजन सुनाया। संकटमोचन मानस मंदिर वाराणसी से आए पुजारी श्याम नारायण तिवारी ने सीता जी के बारे में बताया।
आजमगढ़ से आए गोविंद दत्त शास्त्री ने रावण वध और प्रभु श्रीराम के राजगद्दी संभालने के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब रावण के सभी बेटे, नाती और परिवार के अन्य लोग प्रभु के हाथों मार दिए गए तो रावण युद्ध लड़ने आया।
बाणों की वर्षा होने लगी लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ा। तब विभीषण ने बताया कि उसकी नाभि में अमृत है। तब श्रीराम ने उसकी नाभि में बाण मारा। इसके बाद रावण मारा गया।
कार्यक्रम का संचालन डा. कृष्णानंद त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर रतनलाल गर्ग, राधेश्याम जालान, मिठाईलाल सोनी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, मृत्युंजय जायसवाल, शिशु त्रिपाठी, रामविलास सोनी मौजूद रहे।