वन विभाग में जिला गंगा समिति के परियोजना अधिकारी महेंद्र गौतम की पत्नी प्रियंका के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान मौजूद मायके वालों ने बेटी के साथ घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का आरोप लगाया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। पिता ने जल्द ही तहरीर देने की बात कही। मूल रूप से सीतापुर के निवासी जिला गंगा समिति के परियोजना अधिकारी महेंद्र गौतम उरमौरा में एक किराए के मकान में अपनी पत्नी प्रियंका के साथ रहते थे।
करीब डेढ़ साल पहले दोनों की शादी हुई थी। प्रियंका लखीमपुर खीरी की रहने वाली थी। सोमवार को प्रियंका अपने कमरे में बेहोश हाल में मिली थी। पास पड़ोस के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद से ही पति महेंद्र गौतम का मोबाइल बंद था। पत्नी की मौत की खबर मिलने पर मंगलवार को वह वापस आए। प्रियंका के माता-पिता व अन्य परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।
प्रियंका के पिता ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे। अक्सर पति उसकी पिटाई करता था। बातचीत में वह अक्सर इसकी जानकारी देती थी। दीपावली की छुट्टी के बाद महेंद्र अकेले सोनभद्र आ गया।
बाद में प्रियंका अकेले पहुंची। इसे लेकर भी दोनों में कहासुनी हुई थी। बेटी का फोन बंद होने पर उन्होंने महेंद्र से संपर्क करना चाहा, लेकिन उसने भी कोई जवाब नहीं दिया। बाद में अपने पिता के कहने पर उसने प्रियंका से बात कराई।
बेटी ने कैसे व किन परिस्थितियों में जहर का सेवन किया यह पता नहीं, लेकिन वह पति और ससुराल वालों के व्यवहार से बुरी तरह आहत थी। कोतवाल सत्येंद्र राय ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के बारे में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।