सोनभद्र। जिले में ग्रामीण रुटों पर अनुबंधित बसों के संचालन की योजना है, मगर अनुबंध के लिए प्राइवेट बस मालिक आगे नहीं आ रहे हैं। करीब दो माह पहले प्राइवेट बस मालिकों की हुई बैठक में अनुबंध को लेकर वार्ता हुई थी। अब तक एक भी प्राइवेट बस का अनुबंध नहीं हो सका है। हालांकि अन्य डिपो की अनुबंधित बसें जनपद में विभिन्न रुटों पर फर्राटा भर रही हैं।
सोनभद्र डिपो के पास मौजूदा समय में करीब 54 रोडवेज बसें हैं। करीब दो वर्ष पहले जिला मुख्यालय से होते हुए नौगढ़ रोड पर अनुबंधित बसें संचालन करने की रूपरेखा तैयार की गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह योजना खटाई में चली गई। शासन के निर्देश के क्रम में एक बार फिर जिले में ग्रामीण रुटों पर अनुबंधित बसें दौड़ाने की पहल की गई। विभिन्न मार्गों पर अनुबंधित बसों के संचालन की योजना तैयार करते हुए परिवहन निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में प्राइवेट रोडवेज बस मालिकों की बैठक हुई थी।
वाराणसी-शक्तिनगर, राबर्ट्सगंज-मिर्जापुर एवं अन्य मार्गों पर संचालित प्राइवेट बस मालिकों से अनुबंध के लिए वार्ता की गई थी, मगर अनुबंध के लिए प्राइवेट बस मालिक आगे नहीं आए। सोनभद्र डिपो में एक भी प्राइवेट बसों का अनुबंध नहीं हो सका है। इस नाते जिले के ग्रामीण रुटों पर रोडवेज की सेवा नहीं मिल पा रही। हालांकि काशी डिपो सहित अन्य डिपो में प्राइवेट बसों का अनुबंध हुआ है, उनका संचालन भी वाराणसी-शक्तिनगर और राबर्ट्सगंज-मिर्जापुर मार्ग पर हो रहा है। सोनभद्र डिपो के एआरएम विश्राम का कहना है कि अभी प्राइवेट बस मालिकों के साथ बसों के अनुबंध को लेकर वार्ता का दौर चल रहा है। इच्छुक प्राइवेट बस मालिक अनुबंध के लिए संपर्क कर सकते हैं।