फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजनाः जांच में 2373 आवेदनकर्ता मिले अपात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले गरीबों को छत मुहैया कराया जा रहा है। अब तक 8770 लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया था। जांच में 2373 लोगों के अपात्र मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया गया। हालांकि प्रशासन ने बृहस्पतिवार तक पात्रों को आवेदन करने का अंतिम मौका दिया है। चयनित लाभार्थियों में से लगभग साढ़े तीन हजार का आवास बनकर तैयार हो चुका है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार की मंशा है कि सभी गरीबों के पास खुद का छत हो। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्रों के गरीबों को भी आवास मुहैया कराया जा रहा है। अभी तक ्र प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत नगर पालिका राबर्ट्सगंज, नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी, घोरावल और दुद्वी नगर पंचायत क्षेत्रों में निवास करने वाले 8770 लोगों ने आवेदन किया था। डूडा, नगर पालिका और पंचायतों की तरफ से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान महज 6397 लाभार्थी ही पात्र पाए गए। शेष आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। इस नाते 2373 आवेदनकर्ताओं को आवास नहीं मिला। चयनित प्रत्येक लाभार्थीं को पहली किस्त के रूप में 50 हजार, द्वितीय किस्त डेढ़ लाख और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये के रूप में देने का प्राविधान है। अभी तक प्रथम किश्त चयनित सभी के खाते में भेजी जा चुकी है। दूसरी किश्त 5825 लाभार्थियों को और तीसरी किश्त 3535 लाभार्थियों को भेजी जा चुकी है। हालांकि अभी भी शहरी क्षेत्रों के कईयों को आवास नहीं मिला है। इसको देखते हुए सरकार ने छूटे हुए पात्रों का आवेदन लेकर आवास मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उसी के क्रम में बृ़हस्पतिवार तक आवेदन करने का अंतिम मौका है।
---
इनका आवेदन किया गया निरस्त
सोनभद्र। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। खुद की जमीन पर झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वालों को आवास बनवाने के लिए ढाई लाख मिल रहा है। सरकार ने लाभार्थियों के चयन करने के लिए मानक निर्धारित किया है। जिसमेें योजना का लाभ पाने के लिए शहर का निवासी, भूमि का होना अनिवार्य है। 8770 लोगों ने आवास के लिए आवेदन किए थे, लेकिन जांच में 2373 लोग ऐसे मिले जिनके नाम से जमीन नहीं थी या उन्होंने निवास प्रमाण पत्र गांव का लगाया था। इसके अलावा कई व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले मिले। इसलिए उनका निरस्त कर दिया गया।
विज्ञापन

...
अब तक प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 8770 लोगों ने आवेदन किया था लेकिन जांच में 2373 लोग अपात्र मिलें, इसलिए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। पात्रों को आवास का निर्माण कराने के लिए धन जारी किए जा रहे हैं। साढ़े तीन हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। - राजेश उपाध्याय, परियोजना अधिकारी- डूडा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें