दुद्धी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत तुर्रीडीह के गौरसिंहा में सोमवार को जंगली भौरों के हमले से बैगा पुजारी की मौत हो गई। हमले में छह अन्य ग्रामीण घायल हुए। होली पर आदिवासी समाज की पारंपरिक पूजा के दौरान घटना हुई। काफी देर तक गांव में अफरा-तफरी मची रही। लोगों ने किसी तरह घरों में बंद कर खुद को भौरों से बचाया।
ग्राम प्रधान विद्वंत कुमार घसिया ने बताया कि गांव में रविवार की रात होलिका दहन हुआ। सोमवार को सुबह गांव के लोग गौरसिंहा स्थित डीहवार बाबा पर होलिका की धूल उड़ाकर होली खेल रहे थे। पीपल पेड़ के नीचे स्थित डीहवार बाबा के धाम पर ग्रामीणों को बैठाकर बैगा रामकिशुन (54) पूजा पाठ संपन्न करा रहे थे। इस बीच पीपल के पेड़ के ऊपर छत्ता लगाए जंगली भौरों ने हमला बोल दिया। अचानक भौरों के हमले से भगदड़ मच गई। भौरों ने दौड़ा-दौड़ा कर लोगों को डंक मारा। हमले में रामदेव, रामकिशुन, मानिक, रामसुंदर, केवल, नंदू, राम प्रसाद जख्मी हुए। इसमें रामदेव की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी लाते समय रास्ते में मौत हो गई। चिकित्सकों के मेमो व ग्राम प्रधान की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शेष सभी घायलों को गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया गया।