सोनभद्र। स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण के लिए मिले धन का बेजा इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए शौचालयों के सत्यापन और कोडिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक 637 ग्राम पंचायतों में से 187 में सत्यापन का काम पूरा कर लिया गया है। अन्य 450 ग्राम पंचायतों में सत्यापन का काम चल रहा है। सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि कई लोगों ने धनराशि लेने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया। ऐसे लोगों से रिकवरी की तैयारी है।
पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राबर्ट्सगंज, ओबरा, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 298000 लाभार्थियों को शौचालय आवंटित करते हुए धनराशि जारी कर दी गई है। अधिकांश शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं। लेकिन अभी कुछ शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने डीपीआरओ को ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में शौचालयों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। सहायक खंड विकास अधिकारियों की देखरेख में सत्यापन का कार्य शुरू हो गया है। अब तक 637 ग्राम पंचायतों में से 187 ग्राम पंचायतों में सत्यापन का कार्य पूर्ण हो चुका है। सत्यापन के दौरान कुछ लाभार्थियों द्वारा धनराशि प्राप्त करने के बावजूद शौचालयों का कार्य पूर्ण न कराने की पुष्टि हुई है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने कहा कि शौचालयों के सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने शौचालय का कार्य पूर्ण नहीं कराया है वे लोग करवा लें अन्यथा उनसे रिकवरी की जाएगी।