एनटीपीसी रिहंद में प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शिरकत करने पहुंचे प्रतिभागी एवं परियोजना अधिकारी।
एनटीपीसी रिहंद के प्रशासनिक भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में रविवार को कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर संगोष्ठी और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रबंधक एवं मानव संसाधन प्रभारी शुभदीप सोम ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुआ कहा कि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को असलियत दिखाकर कुरीतियों को दूर करना प्रेमचंद का प्रधान लक्ष्य था।
उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को प्रेमचंद की रचनाओं से परिचित कराएं। गूगल ने डूडल बनाकर साबित कर दिया कि डिजिटल युग में भी प्रेमचंद की रचनाओं की कद्र है। विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. आरके भारती ने प्रेमचंद की राष्ट्रचेतना एवं हिंदी के बारे में जानकारी दी।
साहित्यकार डॉ. दिनेश दिनकर ने इक्कीसवीं सदी के भारत में भी प्रेमचंद के साहित्य को प्रासंगिक बताया। उप महाप्रबंधक एसएन सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक कृष्णदेव पांडेय, अभिषेक टंडन, उप प्रबंधक मुकेश कुमार, डीएस त्रिपाठी ने उनकी कहानियां सुनाईं। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मानव संसाधन विभाग के शत्रुजीत चौधरी को प्रथम, सीआईएसएफ के उप निरीक्षक संत कुमार को द्वितीय, मानव संसाधन विभाग के बी शेषन को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी राजभाषा मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने किया। प्रबंधक सीएसआर नरसिंह यादव ने प्रेमचंद पर आधारित कविता सुनाई। बंश बहादुर सिंह, आशाराम, शैलेश कुमार, श्री कान्त शर्मा, के रामकृष्णा, गोपाल आदि रहे।