पारेषण लाइनों में बुधवार की सुबह छह बजे के करीब फाल्ट के चलते राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा का उत्पादन शून्य हो गया। बलिया से शुरू हुए फाल्ट से महज तीन मिनट में मऊ, सारनाथ से लेकर अनपरा तक की लाइनें ट्रिप कर गईं। इसके चलते 2300 मेगावाट पर चल रहा अनपरा परियोजना का उत्पादन अचानक से शून्य हो गया। कड़ी मशक्कत कर पहले फाल्ट सही किया गया। दोपहर बाद तीन बजे 210 मेगावाट वाली पहली इकाई को लोड पर लाया गया, 172 मेगावाट बिजली पैदा करनी शुरू कर दी गई।
शेष को भी देर रात तक उत्पादन पर लेने का प्रयास जारी थी।
बलिया के एक सब स्टेशन में सुबह 6.01 बजे फाल्ट आ गया। इस फाल्ट को सारनाथ में क्लीयर हो जाना चाहिए था लेकिन वहां इसे क्लीयर न होने के कारण, अनपरा-सारनाथ लाइन ट्रिप कर गई। अभी इसका फाल्ट क्लीयर होता अनपरा-ओबरा और अनपरा-मऊ लाइन भी ट्रिप हो गई। उन्नाव लाइन पहले से ट्रिप थी। चंद मिनटों में तीन पारेषण लाइनें बंद होने से शक्ति भवन तक खलबली मच गई। अफरातफरी की स्थिति यह थी कि फाल्ट कहां से और कैसे आया, क्या स्थिति है? इसको लेकर अफसर शाम चार बजे तक स्पष्ट रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं थी। फाल्ट क्लीयर होने के बाद अनपरा की एक इकाई उत्पादन पर आ गई
चौथी इकाई लाइटअप करने के साथ ही अन्य को भी लाइटअप कर उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू हुई तब जाकर उत्पादन और वितरण से जुड़े अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके चलते सिस्टम कंट्रोल को जहां सूबे के कई हिस्सों में आपात कटौती करानी पड़ी। वहीं निजी बिजलीघरों के साथ ही बाहर की बिजली लेकर किसी तरह स्थिति संभाली गई। देर शाम सात बजे तक अनपरा में 172, ओबरा में 345, पनकी में 150, पारीक्षा में 889, हरदुआगंज में 487 , कुल 2043 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।