करमा थाना क्षेत्र के बिसहार गांव निवासी संतोष (46) घोरावल उपखंड क्षेत्र के बिसरेखी फिडर पर संविदा लाइनमैन था। बृहस्पतिवार को शाम करीब 7 बजे वह शट डाउन लेकर लोढ़ौता गांव में पोल पर चढ़ कर काम कर रहा था। उसने विभाग से शट डाउन करवाया था। बावजूद काम के दौरान 11 हजार वोल्ट की सप्लाई चालू कर दी गई।
संतोष खंभे पर ही बुरी तरह से जल गया। बीएचयू ट्राॅमा सेंटर में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार देर रात उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की रात शव घर पहुंचा। शनिवार की सुबह परिवारीजन और ग्रामीण पिकअप में शव लेकर खरुआंव ब्लॉक कार्यालय के पास पहुंचे।
शव रखे पिकअप को बीच सड़क खड़ाकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार प्रवीण सिंह और सीओ सदर राज सोनकर ने आक्रोशित लोगों से वार्ता की। उन्हें समझाकर जाम हटवाया और मौके पर ही 25 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर करमा थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह, घोरावल चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय, उभ्भा चौकी प्रभारी आशुतोष राय, बिजली विभाग के जेई राजेंद्र बिंद आदि मौजूद रहे।