तकनीकी गड़बड़ी के चलते बीते तीन दिनों से नगर सहित तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। बुधवार को भी जब बिजली आपूर्ति ठीक नहीं कराई गई तो क्षेत्र के अधिवक्ताओं को गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़क पर उतर आए।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर जुलूस की शक्ल में रीवा-राची मार्ग पर पहुंचे और वहां चक्काजाम कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही कोतवाल मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। चक्काजाम की वजह से इस मार्ग पर लगभग आधे घंटे आवागमन ठप रहा।
अधिवक्ताओं ने चेताया कि यदि बुधवार रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो गुरुवार को बाजार बंद कर फिर से चक्काजाम किया जाएगा। अधिवक्ताओं के साथ ही क्षेत्रीय लोग भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
दुद्धी नगर समेत विभिन्न गांवों में पिछले तीन दिनों से विद्युत की आपूर्ति ठप है। इससे लोगों का जरूरी कार्य प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी 33000 लाइन में कहीं फाल्ट होने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जब बुधवार को भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो क्षेत्र के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया और फिर वे सड़क पर उतर आए।
कचहरी परिसर से जुलूस निकाल अधिवक्ताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नगर के विभिन्न मार्गों से होकर कोतवाली के सामने पहुंचे। यहां उन्होंने रीवा-राची मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस पर कोतवाल मनोज पांडेय ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया।
विद्युत विभाग के एसडीओ से मोबाइल पर वार्ता की और आपूर्ति के बारे में जानकारी ली। कोतवाल ने अधिवक्ताओं को बताया कि शाम तक आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने चेतावनी के साथ जाम समाप्त कर दिया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि बुधवार की रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो गुरुवार को दुद्धी बाजार बंद करा दिया जाएगा और चक्काजाम, विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव, रामपाल जौहरी, प्रभु सिंह, दिनेश अग्रहरि, राम प्रकाश सिन्हा, रमेश चंद्र कुशवाहा, बीएन गुप्ता, दिलीप पांडेय, मनोज मिश्रा, कृपाशंकर कुशवाहा, आनंद कुमार, सत्यनारायण यादव, मनोज तिवारी, जितेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे।