पश्चिम यूपी सहित पूर्वांचल के कई हिस्सों में आई आंधी-पानी के कारण पारा लुढ़कने से प्रदेश में बिजली की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे पारीछा व हरदुआगंज की इकाइयों को रिजर्व शट डाउन पर ले लिया गया। वहीं अनपरा के बिजली घरों से भारी थर्मल बैकिंग की जा रही है।
रविवार सुबह प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 20631 मेगावाट थी। पारा लुढ़कते ही सोमवार सुबह तक यह गिरकर 14751 मेगावाट पहुंच गया। इस दौरान न्यूनतम मांग 10006 मेगावाट हो जाने से सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पारीछा व हरदुआगंज की इकाइयों को बंद करा दिया गया। इसके साथ ही अनपरा के सभी बिजलीघरों से थर्मल बैकिंग शुरू हो गई। सोमवार सुबह से ही थर्मल बैकिंग का क्रम शुरू हो गया था। अनपरा ए से 341, बी से 536 व डी परियोजना से महज 543 मेगावाट बिजली उत्पादन होने से निगम का उत्पादन भी लुढ़ककर 1764 मेगावाट पहुंच गया। इस दौरान निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से भी 450 मेगावाट उत्पादन कम किया गया। सोमवार दोपहर तक सूबे में बिजली की मांग 10668 मेगावाट रही। दोपहर तक रिहंद हाइड्रो के चार टरबाइनों से 142 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था।