ओबरा बिजली परियोजना की चार इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओबरा स्थित परियोजनाओं की चार इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप होने से प्रदेश में बिजली संकट उत्पन्न हो गया। दो इकाईयां गुरुवार की सुबह तकनीकी खराबी के चलते बंद करनी पड़ी, जबकि दो इकाईयां पहले से ही बंद चल रही हैं। चार इकाईयों से बिजली उत्पादन ठप होने से प्रदेश के कई हिस्सों को आपात बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। वहीं उच्च बिजली प्रबंधन को अन्य श्रोतों से महंगी बिजली आयात आपूर्ति सामान्य करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से मिले आंकड़ों के अनुसार गुरुवार की सुबह 05 बजकर 57 मिनट पर ओबरा ब तापीय परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता वाली 13 वीं इकाई जेनरेटर इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन में आई तकनीकी खराबी के कारण बंद करनी। जबकि 200 मेगावाट क्षमता वाली नौवीं इकाई ब्वॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बीते मंगलवार रात से बंद चल रही है। हालांकि अभियंताओं ने अथक प्रयास कर करीब साढ़े तीन घंटे बाद ही सुबह 09 बजकर 22 मिनट पर 13वीं इकाई को पुनः लाइटअप कर बिजली उत्पादन शुरू करने में सफलता हासिल कर ली।
वहीं ओबरा सी परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई गुरुवार की सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर ब्वॉयलर ओएमसीसी सप्लाई फेल होने के कारण बंद करनी पड़ी। जबकि 660 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई बीते 09 जुलाई से डिस्ट्रिब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम फेल होने के कारण बंद चल रही है। दोनों इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप होने से 1320 मेगावाट क्षमता वाली ओबरा सी परियोजना से बिजली उत्पादन शून्य हो गया।
दूसरी इकाई के बंद होते ही इंजीनियरों ने इकाई में आई तकनीकी खराबी को दूर कर पुनः लाइटअप करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। परियोजना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त इकाई से शुक्रवार शाम तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
समाचार दिए जाने तक ओबरा बी तापीय परियोजना की उत्पादनरत 10वीं इकाई से 106, 11वीं इकाई से 74, 12वीं इकाई से 151 एवं 13वीं इकाई से 109 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा था।