हाईवे और जिले की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। ये गड्ढे राहगीरों को बीमार कर रहे हैं। बड़े गड्ढों और उखड़ी गिट्टियों से वाहनों की रफ्तार तो सुस्त हो ही रही है, साथ में राहगीर इनमें लगने वाले झटकों से कमर और गर्दन दर्द के मरीज हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों के पास गर्दन और कमर दर्द के बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। जिले में पहले से ही सड़के बदहाल हैं।
अब बारिश होने से नगरीय इलाकों से लेकर देहात तक की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग हो या फिर राॅबर्ट्सगंज-घोरावल, शाहगंज-राजगढ़ मार्ग, हिन्दुआरी-करमा मार्ग, करमा बाजार से घोरावल नहर मार्ग, कोन के साथ ही अन्य ग्रामीण मार्ग बदहाल हैं।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश यहां बेमानी साबित हो रहे हैं। फिलहाल मौजूदा में सड़क के गड्ढे राहगीरों को दर्द दे रहे हैं। दुपहिया और चार पहिया वाहन हिचकोले खाते हुए चलते हैं। जरा सी चूक राहगीरों को चोटिल कर देती है।
राबर्ट्सगंज नगर की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। इनके अलावा जिले के कई संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हैं। जिनपर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। मेडिकल काॅलेज के हड्डी और मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि रोजाना कमर और गर्दन दर्द के चार से छह मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। पहले इनकी संख्या बमुश्किल एक से दो होती थी।
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झटकों से डिस्क खिसकने का खतरा
चिकित्सकों की मानें तो तेज झटकों से कमर की डिस्क खिसकने का खतरा रहता है। रीढ़ व कमर दर्द के मरीजों के लिए गड्ढों भरी सड़क पर सफर और दर्द बढ़ा सकती है। इसके अलावा सर्वाइकल से गर्दन में दर्द हो सकता है। इसके लक्षण होने पर सुरक्षित यात्रा ही बचाव है। बाइक आदि के सफर से परहेज करना होगा।
कमर दर्द की हो गई शिकायत
जुगैल थाना क्षेत्र निवासी विनोद कुमार का कहना है कि वह रोजाना बाइक से बाजार आते-जाते हैं। सड़क में बहुत गड्ढे हैं। झटकों के चलते कुछ दिनों से उसे कमर में दर्द की शिकायत हो गई। ऐसे में वह निजी अस्पताल से उपचार करा रहे हैं।
गर्दन में भी रहने लगा दर्द
करमा क्षेत्र निवासी रामेश कुमार का कहना है कि निजी काम से उनका अक्सर नहर मार्ग से घोरावल आना-जाना लगा रहता है। कई स्थानों पर सड़क बहुत खस्ताहाल है। कमर के साथ गर्दन में भी दर्द रहने लगा है।
गड्ढों में तब्दील सड़क के मरम्मत की मांग
केकराही। करमा ब्लॉक क्षेत्र के भरूहा में पगिया माइनर से भरुहा गांव तक का संपर्क मार्ग जो करीब एक किमी है। जो पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। यह मार्ग ही क्षेत्र के लोगों को हिंदुआरी और मिर्जापुर मुख्य मार्ग पर पहुंचने का एक मात्र रास्ता हैं। इस मार्ग पर दस साल पूर्व जिला पंचायत से लेपन कार्य कराया गया था। इसके बाद से अब तक किसी ने इसकी सुध नहीं लिया। ग्रामीण चक्रवर्ती नाथ तिवारी, कृष्ण कुमार, अरविंद नाथ तिवारी, चंद्रशेखर नाथ तिवारी ने सड़क के गड्ढे भरने की मांग किया है। संवाद
ग्यारह साल पूर्व बनी थी सड़क
नगवां ब्लॉक के वैनी से सरईगढ़ तक करीब 12 किमी लंबे संपर्क मार्ग का निर्माण करीब 13 साल पहले हुआ था। प्रधानमंत्री सड़क योजना के इस सड़क की गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरसात में जगह-जगह गड्ढे में जल जमाव होने से आने जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। अचानक गड्ढे में बाइक जाने से लोगों को कमर दर्द का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की बाइक फिसलकर गिर रही है। इसी रास्ते से अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं। सोहदवल निवासी कमला पासवान ने बताया कि कई वर्ष पुरानी सड़क है, जो पूरी तरह उखड़ गई है। सं