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Sonebhadra News: आधे घंटे की बेमौसम बारिश के बीच आलू के साइज के ओले गिरे

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सोनभद्र/घोरावल/करमा। मार्च में बेमाैसम बारिश हुई है। शुक्रवार की शाम आधे घंटे की बारिश के बीच आलू के साइज के ओले गिरने से किसान मुश्किल में पड़ गए। इससे फसलों को भारी क्षति पहुंची। किसान कुछ दिन बाद ही फसलों की कटाई करने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर ओले पड़ने से वह सन्न हैं। बारिश और तेज हवाओं से भी फसलों को क्षति हुई है।
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बुधवार की रात से ही मौसम का मिजाज बदला है। बारिश और तेज हवाओं के चलते किसान सशंकित थे। आनन-फानन फसल सहेजने में जुटे थे। इस बीच शुक्रवार की शाम ओलावृष्टि ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। घोरावल, करमा, केकराही, शाहगंज सहित अन्य क्षेत्रों में आलू के साइज के ओले गिरे। बारिश से साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में तैयार गेहूं, सरसाें, अरहर, मटर सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। करीब आधे घंटे तक बारिश के बीच रुक-रुककर ओले गिरे। इससे खेतों में फसल लोट गई। घोरावल नगर, पेढ़, धुरकरी, मधका, पुरना, घुवास, बिसरेखी, केवटा, सिरसाई, शिवद्वार, सतद्वारी समेत तहसील क्षेत्र के अन्य इलाकों में ओले गिरे। पेढ़ गांव निवासी अशोक कुमार, शोभनाथ, रामेश्वर, पुरुषोत्तम, मधका के ग्राम प्रधान गोविंद सिंह आदि किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं, चना, जौ, अरहर, मसूर, सरसों, सब्जी की फसल तैयार है या पकने के कगार पर है। इलाके के किसान ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि फिर से ओलावृष्टि न हो और फसल सुरक्षित रहे। करमा क्षेत्र के सिरसिया, जेठी, धौरहरा, करमा, मदैनिया आदि गांवों में शुक्रवार की देर शाम हल्की बारिश के बीच ओले पड़े।
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बीमा कंपनी के पास दर्ज कराएं शिकायत
उप निदेशक कृषि जयप्रकाश ने बताया कि ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान तिलहनी फसलों को होगा। सरसों की फसल खेतों में पककर तैयार है। कई जगह किसान इसकी कटाई भी कर चुके हैं। ओले से सरसों के फूल गिर जाएंगे। मटर, अरहर की फसलों को भी नुकसान हो सकता है। गेहूं की फसल अभी पक रही है। लिहाजा बहुत क्षति नहीं होगी, लेकिन अगर ओलावृष्टि आगे भी जारी रहती है तो परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि जिन किसानाें ने फसल बीमा कराया है, वे तत्काल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सर्वे के बाद उनके नुकसान का आकलन कर कंपनी क्षतिपूर्ति देगी।
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