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UP: अश्लील वीडियो देखते हो न...चार लाख दे दो वरना जेल जाओगे, मुंबई पुलिस ने भेजा अरेस्ट वारंट; जानें मामला

Thu, 19 Jun 2025 09:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक शिक्षक से साइबर अपराध का मामला सामने आया है। डिजिटल अरेस्ट कर उनसे चार लाख रुपये की मांग की गई थी। एक बैंक से उन्होंने लोन भी ले लिया था। 
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साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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सोनभद्र के अनपरा तापीय परियोजना कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल के शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने मुंबई के ठाणे का एसपी बनकर शिक्षक को फोन किया और अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाते हुए वाट्सएस पर फर्जी अरेस्ट वारंट भेज दिया। 

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बचने के लिए चार लाख रुपये की मांग की। शिक्षक ने बैंक से यह लोन भी ले लिया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसके रुपये बच गए। 

जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र कुमार अनपरा परियोजना स्थित एक निजी स्कूल में गणित के शिक्षक हैं। गुरुवार की सुबह उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। 

खुद को मुंबई पुलिस के ठाणे का एसपी बताते हुए जालसाज ने अश्लील वीडियो देखने के आरोप में केस दर्ज होने की बात कही। उनके व्हाट्सएप पर अरेस्ट वारंट भी भेज दिया। बाद में इससे बचने के लिए तत्काल चार लाख रुपये भेजने को कहा। 

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घबराए हुए शिक्षक ने बिना किसी को सूचना दिए एचडीएफसी बैंक शाखा पहुंचे और चार लाख रुपये का लोग ले लिया। संयोग से बैंक में मौजूद दो कर्मचारी उनके परिचित व पढ़ाए हुए छात्र थे। उनकी हालत देख दोनों को संदेह हुआ तो स्कूल के प्रबंधक को सूचित किया।

इसी बीच, शिक्षक की बेटी ने पुलिस को अपना फोन चोरी होने की सूचना दी। पुलिस ने सर्विलांस से नंबर ट्रेस किया तो उसी मोबाइल से परियोजना स्थित आवास पर शिक्षक ठगों से बात कर रहे थे। पुलिस ने बैंक से संपर्क कर तत्काल शिक्षक के एचडीएफसी व केनरा बैंक खाता सीज कर दिया, जिससे रुपये ट्रांसफर नहीं हो सके। बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर दिया।

पिपरी सीओ अमित कुमार ने बताया कि एसओ शिवप्रताप वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम की सक्रियता से शिक्षक को ठगी से बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि किसी के अनजान कॉल्स पर विश्वास न करें। साइबर ठगी की सूचना तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन 1930 पर दें।
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