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Sonebhadra News: सोनांचल में प्रदूषण से बढ़ रही हैं बीमारियां

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शक्तिनगर। यूपी-एमपी के सीमावर्ती क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने से बीमारियों का दायरा भी बढ़ने लगा है। दांतों में पीलापन के साथ त्वचा की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बुधवार को आई टीम ने बलिया नाला के जरिये रिहंद जलाशय में बहाये जा रहे कोयला खदान के प्रदूषित जल की स्थिति देखकर चिंता जताई थी। साथ ही अधिकारियों के साथ प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ठोस नीति बनाने पर विचार करने के लिए कहा था।।
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स्थिति यह है कि क्षेत्र के रहवासियों में त्वचा और दांतों से संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। कई जांचों में पानी में फ्लोराइड की अधिकता प्रमाणित हो चुकी है। फ्लोराइड व औद्योगिक क्षेत्रों से बहाए जा रहे केमिकल युक्त पानी रिहंद जलाशय के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसके चलते लोग फ़्लोरोसिस की चपेट में आ रहे हैं। कम उम्र में लोगों की हड्डी टेड़ी हो रही है और दांत पीले हो रहे हैं।
क्षेत्र के रहवासी मनोनीत रवि, कमलेश, विश्वनाथ गिरी, पंकज शुक्ला आदि का कहना है कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण यह अभिशाप बन चुका है। फ्लोरोसिस बीमारी से कई पीढ़ियां दिव्यांग हो चुकी, फिर भी राहत के नाम पर अब तक किए गए तमाम सरकारी कोशिश और दावे असफल साबित हुए हैं।
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इन लोगों का दावा है कि कई गांवों में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य से 10 से 12 गुना अधिक है। इसी प्रकार वायु प्रदूषण का भी स्तर लगातार बढ़ रहा है। उनकी मांग है कि एनजीटी की ओर तय मानकों व कायदों का पालन सख्ती से कराया जाए, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
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