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Sonebhadra News: अपराधियों पर नकेल कसेगी पुलिस की ''दृष्टि''

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सोनभद्र। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अब पुलिस से नहीं बच
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पाएंगे। पुलिस की ''दृष्टि'' हर वक्त उनपर नकेल कसेगी। अपराधियों पर नकेल कसने और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन दृष्टि की शुरुआत की है। इसके तहत चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी की जाएगी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश जिधर भी भागेंगे, पुलिस अपनी दृष्टि से उन्हें पहचान कर दबोच लेगी। पहले चरण में करीब 90 कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुलिस जनसहयोग भी लेगी।
चार राज्यों से घिरे जिले में अपराधियों को पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद अक्सर बदमाश पड़ोसी राज्यों में भाग जाते हैं। इसके लिए चुनिंदा प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उनमें भी कैमरों की दिशा प्रतिष्ठान के अंदर की निगरानी के लिहाज से रखी गई है। बाजार के प्रमुख चौराहों, तिराहों, सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे लगाने की मांग लंबे समय की जा रही है। खुद पुलिस भी इसकी उपयोगिता महसूस कर रही है। डीजीपी की पहल पर शुरू हुए ऑपरेशन दृष्टि के तहत पुलिस जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएगी। कैमरों का ऐसा जाल तैयार किया जाएगा कि अपराधी पुलिस की निगाह से बच नहीं सकेंगे। इस अभियान के दौरान पुलिस प्रबुद्ध जनों, संस्थाओं से भी मदद लेगी। उन्हें कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करेगी। इसके अलावा जिनके प्रतिष्ठानों पर पहले से कैमरे लगाए गए हैं, उन्हें भी जनहित के तहत एक कैमरे की दिशा सड़क की ओर करने को कहा जाएगा, ताकि सड़क से गुजरने वाले हर व्यक्ति को कैमरे में कैद किया जा सके। कैमरों की सुरक्षा, देखभाल आदि के लिए भी स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे की मदद से अपराध नियंत्रण की व्यवस्था कई बड़े शहरों, महानगरों में पहले से लागू भी है। अब जिले में भी इसे वृहद रूप से शुरू किया जाएगा।
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पहले चरण में 90 कैमरे लगाने की है योजना
ऑपरेशन दृष्टि के तहत पहले चरण में 90 कैमरे लगाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत 45 कैमरे एसपी अपने प्रयास से लगवाएंगे, जबकि अन्य कैमरे जनसहयोग के माध्यम से लगाए जाएंगे। कैमरे लगाने के लिए एसपी ने मातहताें को उपयुक्त जगह चिह्नित करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। चौराहों-तिराहों के अलावा भी ऐसे स्थान को प्राथमिकता में रखने के लिए कहा गया है, जो आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
मुख्यालय से कनेक्ट किए जाएंगे
अलग-अलग स्थानों पर लगे सभी कैमरों को इंटरनेट के माध्यम से जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इससे एक स्थान पर बैठकर अधिकारी सभी स्थानों पर नजर रख सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में इन कैमरों को राज्य मुख्यालय से भी जोड़ने की योजना है, जिससे लखनऊ में बैठे अधिकारी भी अपने स्तर से उसकी सीधी निगरानी कर सकें।
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ऑपरेशन दृष्टि के तहत सभी प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगाने हैं। इसकी रुपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। - डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।
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