सोनभद्र। नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पुलिस सोमवार को पूरे दिन अलर्ट रही। प्रदर्शन करने जा रहे सपाइयों समेत अन्य संगठनों के लोगों को जो जहां था, वहीं से रोक कर हिरासत में ले लिया गया। पूरे दिन चली निगरानी में 55 हिरासत में लिए गए। देर शाम निजी मुचलके पर सभी को छोड़ दिया गया।
दिल्ली-पंजाब सीमा पर कई दिनों से जारी किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को सपा, आप सहित अन्य दलों व संगठनों के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सांकेतिक प्रदर्शन व ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय किया था। इसे देखते हुए पुलिस रविवार से ही सतर्क हो गई। धारा 144 का उल्लंघन कर कोई प्रदर्शन न करने पाए। इसके लिए चार जोनल और 21 मजिस्ट्रेट के जरिए निगरानी शुरू करवा दी गई। सभी थाना इंचार्जों को सतर्क करने के साथ ही 60 पुलिसकर्मियों को भी सादे वेश में जगह-जगह लगाया गया। खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गई। टोल प्लाजा, चौराहों, सार्वजनिक स्थलों की नाकेबंदी कर प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने का काम शुरू कर दिया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि जैसे ही लोग प्रदर्शन के लिए सड़क पर आए उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कुछ लोगों को घर से निकलते ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की सख्ती के चलते किसी भी संगठन का व्यक्ति कलेक्ट्रेट नहीं पहुंच सका।
उरमौरा स्थित सपा कार्यालय से जिलाध्यक्ष विजय यादव की अगुवाई में कार्यकर्ता जैसे ही सड़क पर निकले पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इससे नाराज कार्यकर्ता प्रदेश सकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। तत्काल पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर कार्यालय में कर दिया। इस दौरान जिला महासचिव मो. सईद कुरैशी, राम प्यारे सिंह पटेल, रवि कुमार, त्रिपुरारी, परमेश्वर यादव, रामसेवक यादव, बाबू हाशमी लाल, भरत यादव, राजनाथ, जयप्रकाश चतुर्वेदी, खुर्शीद आलम, अमरेश यादव, रियाज अहमद समेत अन्य को हिरासत में ले लिया गया। विजय शंकर जायसवाल, इश्तियाक खान, अनिल प्रधान, रमेश यादव आदि ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
वहीं राबर्ट्सगंज के पूर्व सपा विधायक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष अविनाश कुशवाहा विकास नगर स्थित अपने आवास से समर्थकों के साथ जैसे ही पार्टी कार्यालय जाने के लिए निकले, पुलिस ने आवास के पास रोककर घर में नजरबंद कर दिया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में जमकर तकरार हुई। अंबुज सिंह, महफूज आलम, ओमप्रकाश तिवारी, अंकित राठौर, कामरान खान आदि मौजूद रहे। उधर, लोढ़ी टोल प्लाजा पर पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव समेत अन्य कार्यकर्ताओं को रोक दिया। नाराज कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन चुर्क ले गई। सपा नेता मोनू पांडेय को बढ़ौली स्थित आवास के बाहर से हिरासत में ले लिया गया। वहीं इमरती कालोनी में पूर्व विधायक सुनील यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव, पूर्व उपाध्यक्ष सुरेश यादव आदि को आवास से बाहर निकलते ही रोककर नजरबंद कर दिया गया। इसी तरह सपा जिला सचिव प्रमोद यादव की अगुवाई में प्रदर्शन के लिए जा रहे कार्यकताओं को कचहरी रोड पर रोक लिया गया। यहां भी कार्यकताओं और पुलिस में तीखी नोकझोंक हुई। इस मौके पर विष्णु भारती, सुरेश अग्रहरि, सोनू यादव, मुन्ना कुशवाहा, मनीष त्रिपाठी रहे।
वहीं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जिलाध्यक्ष नीरज पांडेय को ब्रह्म नगर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान उपाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय, विधानसभा प्रभारी राजकुमार मौर्य छात्र नेता अनुराग पांडेय, यूथ विंग के नेता विजय कुमार गुप्ता, संरक्षक श्रीकांत त्रिपाठी आदि की मौजूदगी रही।
राबर्ट्सगंज इमरती कालोनी में पूर्व विधारक ऋमुनील सिंह यादव को किसान बील के विरोध में धरना पर जान?- फोटो : SONBHADRA
चुर्क मोड स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते सपा के पदाधिकारी।- फोटो : SONBHADRA
चुर्क मोड स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे सपा कार्यकर्ताओं को समझाते सीओ र?- फोटो : SONBHADRA
काबर्ट्सगंज में सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा को रोकती पुलिस।- फोटो : SONBHADRA