सोनभद्र। पत्नी-पत्नी के बीच छोटी सी बात मन में घर गई तो कई बार रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं, लेकिन दोनों को एक बार फिर साथ रखने की ईमानदार कोशिश की जाए तो बात बनने में समय भी नहीं लगता।
कुछ ऐसी स्थिति राबर्ट्सगंज महिला थाने में स्थित परिवार परामर्श केंद्र में रोजाना देखने को मिल रही है। यहां टूटने के कगार पर पहुंचे रिश्तों को जोड़ने के लिए सुलह समझौते का प्रयास किया जा रहा है। इसका असर यह हुआ है कि हर रोज औसतन दो दंपती फिर से साथ रहने को राजी हो जा रहे हैं।
उच्चाधिकारियों की पहल पर महिला थाना राॅबर्ट्सगंज में पति-पत्नी के बीच आपसी सामंजस्य की कमी से टूटते रिश्तों को बचाने और आपसी विवाद के मामलों को काउंसलिंग से सुलझाने की कोशिश चल रही है। एक जनवरी 2024 से दिसंबर तक रोजाना औसतन दो मामले सुलझाने में पुलिस सफल रही है। एक साल में महिला थाने में पति-पत्नि के विवाद के 790 मामले पहुंचे। इनमें पुलिस ने 23 में मुकदमा दर्ज किया, जबकि 67 मामलों में कोर्ट के जरिये कार्रवाई की सलाह दी गई।
महिला थानाध्यक्ष सविता सरोज के प्रयास से 700 ऐसे मामले सुलझाए गए हैं, जिनमें रिश्ता टूटने के कगार पर था या विवाहिता केस दर्ज कराने के लिए अफसरों के पास पहुंची थीं। छोटी-छोटी बातों पर अहम टकराने, पति-पत्नी में आपसी समझ की कमी, अफेयर, पत्नी के घंटों फोन चलाने, पति के देररात लौटने से रिश्ते बिखर रहे हैं। कई बार छोटी-सी खटपट में दंपती रिश्ते तोड़ने तक की सोच रहे हैं। हालांकि काउंसिलिंग के जरिये समझौता वार्ता के बाद दंपती मनमुटाव भूलकर साथ रहने को तैयार हो रहे हैं। पुलिस लिखित करारनामा करवा कर दंपती को फिर से घर बसाने की शुभकामनाएं देते हुए भेजती है। इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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पत्नी का मायके बात करना नहीं था पंसद
घोरावल क्षेत्र निवासी युवती की शादी राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। विवाहिता का मायके में छोटी-छोटी बातों को शेयर करना पति को नागवार गुजरा। इससे उसने बातचीत बंद करा दी। इस पर विवाहिता चार महीने से मायके में रहने लगी। काउंसिलिंग के बाद अब दोनों फिर से साथ रहने के लिए राजी हो गए। पति खुद अब फोन कर मायके बात कराता है।
मां की बात न मान रिश्ते को बचाया
राॅबर्ट्सगंज निवासी एक युवती के पिता की बचपन में मौत हो गई थी। मां दूसरी शादी कर उसे छोड़कर चली गई। युवती की दादी ने थोड़े बड़े उम्र के व्यक्ति से शादी करा दी। किसी बात को लेकर विवाद होने पर युवती दादी के घर आ गई। काउंसिलिंग के दौरान युवती की मां भी पहुंची। वह बेटी के ससुराल न जाने की बात पर अड़ी रही। हालांकि मां की बात को ठुकरा उसने फिर से ससुराल जाने का निर्णय लिया। 1अब वह खुशहाल जीवन बिता रही है।
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पत्नी का इंस्टाग्राम चलाना नहीं था पसंद
राॅबर्ट्सगंज कस्बा निवासी एक व्यक्ति की पत्नी मायके गई। वहां उसका एक व्यक्ति से इंस्टाग्राम पर संपर्क हो गया। इसके बाद वह मायके में ही रहने लगी। तलाक की नौबत आ गई। हालांकि काउंसिलिंग के बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए।
पति-पत्नी के आपसी विवादों से जुड़े मामलों में दंपती को आमने-सामने बैठाकर सुलह समझौतों से निपटाने की पूरी कोशिश की जाती है और ज्यादातर मामलों में दंपती का घर फिर बसा दिया जाता है। जो मामले नहीं सुलझ पाते उनको कोर्ट भेजा जाता है। - सविता सरोज, महिला थानाध्यक्ष।
रामकुमार। - फोटो : रामकुमार। संवाद